#😎मोटिवेशनल गुरु🤘 दुसरोंका भी ध्यान
एक बार एक छोटा सा लड़का, करीब दस साल का अपनी मनपसंद आईसक्रीम खाने के लिए एक अच्छे से होटल में गया। उसके पास कुछ पैसे तो थे ही।
वो टेबल पर जाकर आराम से बेठ गया। एक वेट्रेस आई और उससे प्यार से पूछा, “ आप क्या लेगे सर ? ”
बच्चा बड़ी उत्सुकता से उससे पूछ बैठा की चोकोलेट आईसक्रीम के कितने दाम होंगे?
वेट्रेस ने उसे बताया 30 रु ।
लड़के ने अपनी जेब को टटोला और पैसे गिनने लगा। वो बहुत देर कर रहा था।
वेट्रेस अपना धैर्य खोते जा रही थी, क्योंकि दुसरे सभी लोग अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे थे।
बच्चा पैसे गिनने के बाद फिर पूछने लगा। प्लेन आईसक्रीम के कितने दाम है?
वेट्रेस ने उससे थोड़ी गर्म आवाज में बोला की 25 रु।
बच्चे ने कहा- “ हा मुझे वही चाहिये”
फिर वेट्रेस ने उसे उसकी पसंद की आईसक्रीम लाकर दे दी। और बच्चा मजे से खाकर, काउंटर पर पैसे देकर चला गया।
वेट्रेस जब टेबल साफ करने आई। तो वो वो बहुत दुखी हुई, और रोनी से हो गयी।
टेबल साफ करते वक्त उसे टिप के रूप में 5 रु दिखाई दिए।
बच्चा उसकी पसंद की आईसक्रीम इसलिए नहीं माँगा सका था क्योंकि उसे इतनी देर से उसकी खातिर करने वाली वेट्रेस के लिए टिप भी देनी थी।

