ShareChat
click to see wallet page
search
#✍🏻भारतीय संविधान📕 #🚨UPSC Exams📚 #📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📚एजुकेशन टिप्स & ट्रिक्स✍ #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
✍🏻भारतीय संविधान📕 - 8? अनुच्छेद १४२ क्या असाधारण विवेकाधीन न्याय पूर्ण आदेश पारित॰ करने की शक्ति शक्ति अनुच्छेद सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद १४२ सुप्रीम कोर्ट 46 को कोई भी आवश्यक आदेश को किसी भी लंबित मामले पारित करने की असाधारण में ऐसा आदेश देने की शक्ति विवेकाधीन शक्ति देता है प्रदान करता है जो पूर्ण न्याय তী ক্ি ন্ায ক মিল ম ক্ী | सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हा। CONSTITUTION  लिए अदालत में पेश करने গনমাননা ক दंड का आदेश सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद १४२ के तहत कोर्ट किसी अंतर्गत कोर्ट अवमानना के $ लिए व्यक्ति को न्यायालय में किसी भी व्यक्ति को ٨؟ दंडित करने का आदेश दे पेश होने के बाध्य सकता है। कर सकता है। कोर्ट के पास है, किसी अन्य यह शक्ति केवल g೫' न्यायालय के पास नहीं। असाधारण परिस्थितियों में लिए इसका उपयोग केवल 'पूर्ण न्याय' के फिया जाता है 8? अनुच्छेद १४२ क्या असाधारण विवेकाधीन न्याय पूर्ण आदेश पारित॰ करने की शक्ति शक्ति अनुच्छेद सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद १४२ सुप्रीम कोर्ट 46 को कोई भी आवश्यक आदेश को किसी भी लंबित मामले पारित करने की असाधारण में ऐसा आदेश देने की शक्ति विवेकाधीन शक्ति देता है प्रदान करता है जो पूर्ण न्याय তী ক্ি ন্ায ক মিল ম ক্ী | सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हा। CONSTITUTION  लिए अदालत में पेश करने গনমাননা ক दंड का आदेश सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद १४२ के तहत कोर्ट किसी अंतर्गत कोर्ट अवमानना के $ लिए व्यक्ति को न्यायालय में किसी भी व्यक्ति को ٨؟ दंडित करने का आदेश दे पेश होने के बाध्य सकता है। कर सकता है। कोर्ट के पास है, किसी अन्य यह शक्ति केवल g೫' न्यायालय के पास नहीं। असाधारण परिस्थितियों में लिए इसका उपयोग केवल 'पूर्ण न्याय' के फिया जाता है - ShareChat