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राजस्थान में नयी नौकरीया 🗞️ - राजस्थानः तीन को मिला पद्मश्री में राजस्थान की चार विभूतियों &_ पुरस्कारों की वर्ष २०२६ के पद्म को शामिल किया गँया है। इसमें पांडे ( मरणोपरान्त), गफरुद्दीन मेवाती जोगी, स्वामी ब्रह्मदेव और तगाराम भील शामिल है गफरुद्दीन मेवाती जोगी, भपंग वादक (आर्ट) भरतपुर. भपंग वादक और पांडुन के कड़ाके साधक ६२ वर्षीय गफरुद्दीन मेवाती जोगी ने छह दशक से अधिक विलुप्तप्राय लोककला को जीवित रखा  समय तक एक और उसे वैश्विक पहचान दिलाई। वे करीब ढाई हजार अधिक दोहे कंठस्थ रखने वाले कलाकार हैं। तगाराम भील, अलगोजा वादक ( आर्ट ) जैसलमेर. ६६ वर्षीय तगाराम भील ने लोकसंगीत की सदियों परंपरा के एक प्रमुख वाद्य अलगोजा की पुरानी मधुर स्वर लहरियों को देशन्दुनिया तक पहुंचाया। स्वभाव और रहन-सहन से एकदम सादा तगाराम ने इस  उपलब्धि को जिलावासियों को समर्पित किया।  स्वामी ब्रह्मदेव, सोशल वर्कर श्रीगंगानगर. स्वामी ब्रह्मदेव श्रीगंगानगर में स्थापित श्री जंगदंबा अंध विद्यालय एवं धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय के संस्थापक हैं । वे १९९० के दशक से गरीब, असहाय और दृष्टिहीन लोगों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। उनका कार्य शिक्षा चिकित्सा और मानव सेवा से जुड़ा है राजस्थानः तीन को मिला पद्मश्री में राजस्थान की चार विभूतियों &_ पुरस्कारों की वर्ष २०२६ के पद्म को शामिल किया गँया है। इसमें पांडे ( मरणोपरान्त), गफरुद्दीन मेवाती जोगी, स्वामी ब्रह्मदेव और तगाराम भील शामिल है गफरुद्दीन मेवाती जोगी, भपंग वादक (आर्ट) भरतपुर. भपंग वादक और पांडुन के कड़ाके साधक ६२ वर्षीय गफरुद्दीन मेवाती जोगी ने छह दशक से अधिक विलुप्तप्राय लोककला को जीवित रखा  समय तक एक और उसे वैश्विक पहचान दिलाई। वे करीब ढाई हजार अधिक दोहे कंठस्थ रखने वाले कलाकार हैं। तगाराम भील, अलगोजा वादक ( आर्ट ) जैसलमेर. ६६ वर्षीय तगाराम भील ने लोकसंगीत की सदियों परंपरा के एक प्रमुख वाद्य अलगोजा की पुरानी मधुर स्वर लहरियों को देशन्दुनिया तक पहुंचाया। स्वभाव और रहन-सहन से एकदम सादा तगाराम ने इस  उपलब्धि को जिलावासियों को समर्पित किया।  स्वामी ब्रह्मदेव, सोशल वर्कर श्रीगंगानगर. स्वामी ब्रह्मदेव श्रीगंगानगर में स्थापित श्री जंगदंबा अंध विद्यालय एवं धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय के संस्थापक हैं । वे १९९० के दशक से गरीब, असहाय और दृष्टिहीन लोगों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। उनका कार्य शिक्षा चिकित्सा और मानव सेवा से जुड़ा है - ShareChat