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#⚖️स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को HC से बड़ी राहत #🆕 ताजा अपडेट #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🔴 क्राइम अपडेट #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
⚖️स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को HC से बड़ी राहत - 839m,1989 R৮ ज्योतिष्पीठ के वरिष्ठ संत जानिए बोधश्रम के निधन के बाद स्वरूपानंद शंकराचार्य सरस्वती ने खुद को उनका उत्तराधिकारी पदवी का घोषित कर दिया। बिबाद 15 3াসল, 1989 ज्योतिष्पीठ के वरिष्ठ संत  शांतानंद जी ने वासुदेवानंद सरस्वती जी को अपना  उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। अब एक ही पीठ के दो शंकराचार्य  हो गए। २०१७ में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वरूपानंद सरस्वती और वासुदेवानंद सरस्वती दोनों को ही शंकराचार्य मानने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था- कोईभी योग्य उत्तराधिकारी नहीं है। मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जाएगा।  विवाद चलता रहा और ११ सितंबर, २०२२ को संत  स्वरूपानंद सरस्वती का निधन हो गया। उसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने अगले दिन  खुद को शंकराचार्य घोषित कर दिया।  IRஙEaaaZDZZ ` 2022க 16 সুসীম  पट्टाभिषेक और छत्र-चंवर के  के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। 839m,1989 R৮ ज्योतिष्पीठ के वरिष्ठ संत जानिए बोधश्रम के निधन के बाद स्वरूपानंद शंकराचार्य सरस्वती ने खुद को उनका उत्तराधिकारी पदवी का घोषित कर दिया। बिबाद 15 3াসল, 1989 ज्योतिष्पीठ के वरिष्ठ संत  शांतानंद जी ने वासुदेवानंद सरस्वती जी को अपना  उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। अब एक ही पीठ के दो शंकराचार्य  हो गए। २०१७ में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वरूपानंद सरस्वती और वासुदेवानंद सरस्वती दोनों को ही शंकराचार्य मानने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था- कोईभी योग्य उत्तराधिकारी नहीं है। मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जाएगा।  विवाद चलता रहा और ११ सितंबर, २०२२ को संत  स्वरूपानंद सरस्वती का निधन हो गया। उसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने अगले दिन  खुद को शंकराचार्य घोषित कर दिया।  IRஙEaaaZDZZ ` 2022க 16 সুসীম  पट्टाभिषेक और छत्र-चंवर के  के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। - ShareChat