ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #😌 अकेलापन शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - ये कलयुग है मित्र" ना शादी सच्ची है, ना प्रेम सच्चा है, ঔকল ২্৪ী सबसे अच्छा है ये कलयुग है मित्र" ना शादी सच्ची है, ना प्रेम सच्चा है, ঔকল ২্৪ী सबसे अच्छा है - ShareChat