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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - बरषा काल मेघ नभ छाए। बरषि मधुर जल धरनि जुड़ाए।। नव जल पाइ धरनि ललचानी| जथा सुपात्रहि बिद्या आनी Il राम   मैनी যাম जिस प्रकार वर्षा ऋतु में बादल आकाश में छाकर शीतल जल बरसाते हैं और धरती को तृप्त कर देते हैं, ठीक उसी प्रकार जब विद्या (ज्ञान) किसी सुपात्र (विनम्र और योग्य व्यक्ति) के पास आती है, तो वह और अधिक झुक जाता है और दूसरों का कल्याण करता है अर्थात ज्ञान का असली लाभ तभी है जब वह हमारे अहंकार को मिटाकर हमें के प्रति और दूसरों अधिक दयालु और विनम्र बनाए। RuTTH जय बरषा काल मेघ नभ छाए। बरषि मधुर जल धरनि जुड़ाए।। नव जल पाइ धरनि ललचानी| जथा सुपात्रहि बिद्या आनी Il राम   मैनी যাম जिस प्रकार वर्षा ऋतु में बादल आकाश में छाकर शीतल जल बरसाते हैं और धरती को तृप्त कर देते हैं, ठीक उसी प्रकार जब विद्या (ज्ञान) किसी सुपात्र (विनम्र और योग्य व्यक्ति) के पास आती है, तो वह और अधिक झुक जाता है और दूसरों का कल्याण करता है अर्थात ज्ञान का असली लाभ तभी है जब वह हमारे अहंकार को मिटाकर हमें के प्रति और दूसरों अधिक दयालु और विनम्र बनाए। RuTTH जय - ShareChat