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हर आवाज जवाब की हकदार नहीं होती #☝आज का ज्ञान #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝ मेरे विचार #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏 प्रेरणादायक विचार
☝आज का ज्ञान - हिकदार नहीं होती हरआवाज जवाबकी शब्द के योग्य न हो, वहाँ मौन ही सर्वोच्च शिष्टाचार है। हर आवाज़ जवाब की हक़दार नहीं होती। हर टिप्पणी संवाद नहीं होती। असहमति विचार नहीं कहलाती। और हर लिए कुछ बातें सिर्फ़ ध्यान खींचने के कही जाती हैं न उनमें समझ होती है॰ न संवेदना, न ही किसी सच को जानने की इच्छा। ऐसी जगहों पर प्रतिक्रिया देना अपने ही स्तर को नीचे लाने जैसा होता है। क्योंकि गरिमा बहस से नहीं, चयन से बची रहती है। मौन कमजोरी नहीं होता। वह आत्मविश्वास की सबसे सधी हुई अभिव्यक्ति है। जो व्यक्ति अपने विचारों में स्थिर होता है, उसे हर शोर का जवाब देने की ज़रूरत नहीं पड़ती| आज के समय मे सबसे कठिन कला बोलना नहीं , चुप रहना है वहाँ, जहाँ शब्दों का स्तर गिरा हुआ हो। क्योंकि सम्मान माँगा नहीं जाता, और गरिमा साबित नहीं की जाती। उसे बस निभाया जाता है। लक्ष्य हे तो हासिल करें। ३ रामरूञ्प शर्ा 0 हिकदार नहीं होती हरआवाज जवाबकी शब्द के योग्य न हो, वहाँ मौन ही सर्वोच्च शिष्टाचार है। हर आवाज़ जवाब की हक़दार नहीं होती। हर टिप्पणी संवाद नहीं होती। असहमति विचार नहीं कहलाती। और हर लिए कुछ बातें सिर्फ़ ध्यान खींचने के कही जाती हैं न उनमें समझ होती है॰ न संवेदना, न ही किसी सच को जानने की इच्छा। ऐसी जगहों पर प्रतिक्रिया देना अपने ही स्तर को नीचे लाने जैसा होता है। क्योंकि गरिमा बहस से नहीं, चयन से बची रहती है। मौन कमजोरी नहीं होता। वह आत्मविश्वास की सबसे सधी हुई अभिव्यक्ति है। जो व्यक्ति अपने विचारों में स्थिर होता है, उसे हर शोर का जवाब देने की ज़रूरत नहीं पड़ती| आज के समय मे सबसे कठिन कला बोलना नहीं , चुप रहना है वहाँ, जहाँ शब्दों का स्तर गिरा हुआ हो। क्योंकि सम्मान माँगा नहीं जाता, और गरिमा साबित नहीं की जाती। उसे बस निभाया जाता है। लक्ष्य हे तो हासिल करें। ३ रामरूञ्प शर्ा 0 - ShareChat