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#om shanti brahmakumari
om shanti   brahmakumari - मैं भगवान की अमानत हूँ आाल F: योगाभ्यास रूपी कुटिया में भ्रकुरी सिंहासन पर विराजमान हू । मेरा तनः  भाग्यवान आत्मा इस देह कुछ्ठ परमात्मा का है। मैं साक्षी बनकर भगवान से मिली इस  HI ர7 7 ?7I7 77 देह रूपी अमानत की सेवा कर रही हूँ जो मुझे हर कदम पर प्यारे शिवबावा की मदद का अनुभव " গন্তপুলি ব্ধন্ধে कराती है। मेरे सम्यन्थ सम्पर्क में आने वाली आत्माए भी ईश्वरीय " और re उल्लास में झूम रही हैं।  चिन्तन मुघ्ने स्मृति रहती है कि किसी भी देहधारी की याद अमानत में खयानत है। क्या मुप्ने  কমা सिर्फ एक चिदेही की याद रहती है ? क्या मेरा हर कदम ईश्वरीय मर्यादा प्रमाण है ? किसी भी बात में श्रेष्ठ कर्म करती हूँ? मेरापन तो नही है ? स्वय को भगवान की अमानत समझ सदा  B मैं भगवान की अमानत हूँ आाल F: योगाभ्यास रूपी कुटिया में भ्रकुरी सिंहासन पर विराजमान हू । मेरा तनः  भाग्यवान आत्मा इस देह कुछ्ठ परमात्मा का है। मैं साक्षी बनकर भगवान से मिली इस  HI ர7 7 ?7I7 77 देह रूपी अमानत की सेवा कर रही हूँ जो मुझे हर कदम पर प्यारे शिवबावा की मदद का अनुभव " গন্তপুলি ব্ধন্ধে कराती है। मेरे सम्यन्थ सम्पर्क में आने वाली आत्माए भी ईश्वरीय " और re उल्लास में झूम रही हैं।  चिन्तन मुघ्ने स्मृति रहती है कि किसी भी देहधारी की याद अमानत में खयानत है। क्या मुप्ने  কমা सिर्फ एक चिदेही की याद रहती है ? क्या मेरा हर कदम ईश्वरीय मर्यादा प्रमाण है ? किसी भी बात में श्रेष्ठ कर्म करती हूँ? मेरापन तो नही है ? स्वय को भगवान की अमानत समझ सदा  B - ShareChat