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#दर्दनाक
दर्दनाक - चिंता खतरनाक ट्रेड या नशे का जाल, २० दिन पुराना है मामला दहदहा स्कूल के ३५ बच्चों ने काटे अपने हाथ , पालक सहमे 5 प्रशासनिक हस्तक्षेप हरिभूमि न्यूज Mकुरूद और काउंसिलिंग स्थित दहदहा मिडिल कुरुद ब्लॉक फरवरी को एबीईओ चंद्रकुमार  स्कूल से एक ऐसी विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जिसने साहू के संज्ञान में मामला आने के पश्चात १६ फरवरी को मेडिकल टीम न केवल अभिभावकों के हृदय को द्वारा बच्चों की सघन काउंसलिंग की छलनी कर दिया है, बल्कि समूचे गई। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा जगत को आत्मचिंतन के लिए बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और विवश कर दिया है। स्कूल के कक्षा  उनके परिवेश पर कडी निगरानी ६वीं से8वीं तक के लगभग ३५ की आवश्यकता है। यह घटना  छात्र छात्राओं द्वारा किसी नुकीली केवल शारीरिक चोट नहीं बल्कि नशे का जाल और देखा देखी की प्रवृत्ति हमारी सामाजिक और शैक्षणिक 4{3 से अपने बाएं हाथ की कलाई स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध शराब और व्यवस्था के विफल होने का सकेत লযান पर कट जख्म ) का नशीली गोलियों का कारोबार अपनी जडें जमा चुका है। आशंका व्यक्त की जा है।यदि समय रहते नशे के अवैध सनसनीखेज मामला उजागर हुआ रही है कि कुछ बच्चे नशे की गिरफ्त में आकर इस आत्मघाती कदम की ओर कारोबार पर अंकुश और बच्चों को 81 बढ़े होंगे। मेडिकल टीम की काउंसलिंग के अनुसार , यह मास हिस्टीरिया या  मनोवैज्ञानिक संबल नहीं दिया गया यह हृदयविदारक घटना लगभग एक दूररे की नकल करने का परिणाम भी हो सकता है, जहां एक बच्चे को तो भविष्य की यह पौध अंधकार में सहपाठियों ने भी स्वय को पीडा पहुंचाई।  २० दिन बताई जा रही है, जो देखकर अन्य पुरानी  विलीन हो सकती है। प्रशासन की सजगता पर प्रश्नचिन्ह पूछने पर भी जब बालक मौन रहा, मामले को सुलझाने के बजाय इसे लगाती है। मामले का पर्दाफाश तब परत ३५ बच्चों को कलाइयों पर वहो खौफनाक निशान मिले। खेद का दबाने का प्रयास किया और उच्च हुआ जब एक जागरूक पिता ने तो संदेह गहरा गया। अपने अबोध बालक की कलाई पर अधिकारियों মুননা নৈ সঁ विषय यह है कि शाला विकास स्कूल पहुंचन पर जब अन्य কষা गहरे निशान देखे। पिता के बार-बार बच्चों की जांच की गई॰ तो परत दर समिति और शिक्षकों ने इस गंभीर নিলন ক্িমা| चिंता खतरनाक ट्रेड या नशे का जाल, २० दिन पुराना है मामला दहदहा स्कूल के ३५ बच्चों ने काटे अपने हाथ , पालक सहमे 5 प्रशासनिक हस्तक्षेप हरिभूमि न्यूज Mकुरूद और काउंसिलिंग स्थित दहदहा मिडिल कुरुद ब्लॉक फरवरी को एबीईओ चंद्रकुमार  स्कूल से एक ऐसी विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जिसने साहू के संज्ञान में मामला आने के पश्चात १६ फरवरी को मेडिकल टीम न केवल अभिभावकों के हृदय को द्वारा बच्चों की सघन काउंसलिंग की छलनी कर दिया है, बल्कि समूचे गई। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा जगत को आत्मचिंतन के लिए बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और विवश कर दिया है। स्कूल के कक्षा  उनके परिवेश पर कडी निगरानी ६वीं से8वीं तक के लगभग ३५ की आवश्यकता है। यह घटना  छात्र छात्राओं द्वारा किसी नुकीली केवल शारीरिक चोट नहीं बल्कि नशे का जाल और देखा देखी की प्रवृत्ति हमारी सामाजिक और शैक्षणिक 4{3 से अपने बाएं हाथ की कलाई स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध शराब और व्यवस्था के विफल होने का सकेत লযান पर कट जख्म ) का नशीली गोलियों का कारोबार अपनी जडें जमा चुका है। आशंका व्यक्त की जा है।यदि समय रहते नशे के अवैध सनसनीखेज मामला उजागर हुआ रही है कि कुछ बच्चे नशे की गिरफ्त में आकर इस आत्मघाती कदम की ओर कारोबार पर अंकुश और बच्चों को 81 बढ़े होंगे। मेडिकल टीम की काउंसलिंग के अनुसार , यह मास हिस्टीरिया या  मनोवैज्ञानिक संबल नहीं दिया गया यह हृदयविदारक घटना लगभग एक दूररे की नकल करने का परिणाम भी हो सकता है, जहां एक बच्चे को तो भविष्य की यह पौध अंधकार में सहपाठियों ने भी स्वय को पीडा पहुंचाई।  २० दिन बताई जा रही है, जो देखकर अन्य पुरानी  विलीन हो सकती है। प्रशासन की सजगता पर प्रश्नचिन्ह पूछने पर भी जब बालक मौन रहा, मामले को सुलझाने के बजाय इसे लगाती है। मामले का पर्दाफाश तब परत ३५ बच्चों को कलाइयों पर वहो खौफनाक निशान मिले। खेद का दबाने का प्रयास किया और उच्च हुआ जब एक जागरूक पिता ने तो संदेह गहरा गया। अपने अबोध बालक की कलाई पर अधिकारियों মুননা নৈ সঁ विषय यह है कि शाला विकास स्कूल पहुंचन पर जब अन्य কষা गहरे निशान देखे। पिता के बार-बार बच्चों की जांच की गई॰ तो परत दर समिति और शिक्षकों ने इस गंभीर নিলন ক্িমা| - ShareChat