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#✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✡️सितारों की चाल🌠 - गुरु सूर्य के संपर्क में आने से अति तेजवान हो जाते हैँ परन्तु अहंकार भी बना रहता है... गुरु चंद्र के साथ सर्वोत्तम हो जाते हैँ, यहाँ ज्ञान ध्यान शील और ईश्वर सबकुछ प्राप्त होता है.. गुरु के मंगल के साथ आने पर भी सूर्य के समान ही फल प्राप्त होते .. गुरु के बुध के साथ आने पर ज्ञान बुद्धि और वाणी से मनुष्य अत्यंत  लाभ उठा सकता है... शुक्र के साथ आने पर विलास एवं धर्म दोनों का ही सुख प्राप्त  $ होता है मनुष्य कों. गुरु का शनि के साथ आना अति कार्मिक योग बनाते हैँ यहाँ सारे ज्ञान के बावजूद भी अर्थ के सुख में अस्थिरता बनी रहती है... गुरु के राहु के साथू आने पर गुरु तामसिक हो जाते हैँ यहाँ तर्क और 8 खोज की स्थिति मनुष्य को आजीवन उलझा कर रखती है... 0 गुरु का केतु के साथ आना नश्वरता का भाव उत्पन्न करता है॰ శ్లే g गुरु सूर्य के संपर्क में आने से अति तेजवान हो जाते हैँ परन्तु अहंकार भी बना रहता है... गुरु चंद्र के साथ सर्वोत्तम हो जाते हैँ, यहाँ ज्ञान ध्यान शील और ईश्वर सबकुछ प्राप्त होता है.. गुरु के मंगल के साथ आने पर भी सूर्य के समान ही फल प्राप्त होते .. गुरु के बुध के साथ आने पर ज्ञान बुद्धि और वाणी से मनुष्य अत्यंत  लाभ उठा सकता है... शुक्र के साथ आने पर विलास एवं धर्म दोनों का ही सुख प्राप्त  $ होता है मनुष्य कों. गुरु का शनि के साथ आना अति कार्मिक योग बनाते हैँ यहाँ सारे ज्ञान के बावजूद भी अर्थ के सुख में अस्थिरता बनी रहती है... गुरु के राहु के साथू आने पर गुरु तामसिक हो जाते हैँ यहाँ तर्क और 8 खोज की स्थिति मनुष्य को आजीवन उलझा कर रखती है... 0 गुरु का केतु के साथ आना नश्वरता का भाव उत्पन्न करता है॰ శ్లే g - ShareChat