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जानकारी - समवेता युयुत्सवः ।l #87 कुरुक्षेत्रे I  किमकुर्वत संजय ।। ।। मामकाः पाण्डवाश्वैव ؟؟ सजय गीता का आरंभः धृतराष्ट्र का वो इकलौता सवाल जिसने इतिहास बदल दिया! धर्मक्षेत्रे #ಾನ7 ಶಾನಾ: ತ8 मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत संजय |l में युद्ध धृतराष्ट्र ने संजय से पूछाः "हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र की इच्छा से एकत्र हुए मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?" २. धृतराष्ट्र का एकमात्र श्लोकः पूरी गीता में धृतराष्ट्र ने केवल यही एक श्लोक बोला है। कुरुक्षेत्रः युद्ध की भूमि को 'धर्मक्षेत्र' (पवित्र २. धर्मक्षेत्र और भूमि) कहा गया है, जहाँ न्याय का फैसला होना था। ३. मानसिक मोहः धृतराष्ट्र का अपने पुत्रों (मामकाः ) और पांडवों के बीच भेदभाव इस श्लोक से साफ झलकता है। ४. संजय की दिव्य धृतराष्ट्र यह सवाल संजय से पूछ रहे ٤: हैं, जिन्हें महर्षि व्यास ने महल में बैठे बैठे युद्ध देखने की दिव्य दृष्टि दी थी। ५. अधर्म का डरः धृतराष्ट्र को डर था कि पवित्र भूमि के प्रभाव से उनके पुत्रों का मन बदल न जाए या वे संधि न कर लें। एसी ही जानकारी के लिए हमारे पेज को फोलो करना न भूले समवेता युयुत्सवः ।l #87 कुरुक्षेत्रे I  किमकुर्वत संजय ।। ।। मामकाः पाण्डवाश्वैव ؟؟ सजय गीता का आरंभः धृतराष्ट्र का वो इकलौता सवाल जिसने इतिहास बदल दिया! धर्मक्षेत्रे #ಾನ7 ಶಾನಾ: ತ8 मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत संजय |l में युद्ध धृतराष्ट्र ने संजय से पूछाः "हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र की इच्छा से एकत्र हुए मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?" २. धृतराष्ट्र का एकमात्र श्लोकः पूरी गीता में धृतराष्ट्र ने केवल यही एक श्लोक बोला है। कुरुक्षेत्रः युद्ध की भूमि को 'धर्मक्षेत्र' (पवित्र २. धर्मक्षेत्र और भूमि) कहा गया है, जहाँ न्याय का फैसला होना था। ३. मानसिक मोहः धृतराष्ट्र का अपने पुत्रों (मामकाः ) और पांडवों के बीच भेदभाव इस श्लोक से साफ झलकता है। ४. संजय की दिव्य धृतराष्ट्र यह सवाल संजय से पूछ रहे ٤: हैं, जिन्हें महर्षि व्यास ने महल में बैठे बैठे युद्ध देखने की दिव्य दृष्टि दी थी। ५. अधर्म का डरः धृतराष्ट्र को डर था कि पवित्र भूमि के प्रभाव से उनके पुत्रों का मन बदल न जाए या वे संधि न कर लें। एसी ही जानकारी के लिए हमारे पेज को फोलो करना न भूले - ShareChat