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#💝 शायराना इश्क़ #📒 मेरी डायरी #😒दर्द भरी शायरी🌸 #love #☝ मेरे विचार
💝 शायराना इश्क़ - दर्द भी वही देते हैं, शिकायत भी वही करते हैं, ज़ख्म देकर मेरी रूह पर, 3 नमक भी वही भरते हैं। जब आह निकलती है दिल से, క్డీ इल्ज़ाम भी मुझ पर धरते हैं, और फिर उसी साँस में वो, मोहब्बत का दावा भी करते हैं कैसी अजीब सी रस्म है ये, कैसा अजब सा खेल है, @ जो तोड़कर भी मेरा दिल, "इश्क़ तो अब भी वही है..." कहते हैं - दर्द भी वही देते हैं, शिकायत भी वही करते हैं, ज़ख्म देकर मेरी रूह पर, 3 नमक भी वही भरते हैं। जब आह निकलती है दिल से, క్డీ इल्ज़ाम भी मुझ पर धरते हैं, और फिर उसी साँस में वो, मोहब्बत का दावा भी करते हैं कैसी अजीब सी रस्म है ये, कैसा अजब सा खेल है, @ जो तोड़कर भी मेरा दिल, "इश्क़ तो अब भी वही है..." कहते हैं - - ShareChat