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#WORD OF GOD ✝️ #यीशु मसीह बाइबल वचन ✝️✝️📕 #Bible Study #thankyou🙏jesu #🕊️Jesus is Lord
WORD OF GOD ✝️ - ODaily Breade4 प्रिभु येशू मसीह हमारा बड़ा भाई भी है और वो हमें भाई कहने से नहीं लजाता और उसने ही हमें पाप की बंधुवाई से और अनन्त मृत्यु से छुड़ाया है और हमारे लिए वह आनंदित हो जाता है (इब्रानियों २:१ १ १५) क्योंकि उसका प्रेम सच्चा है। इसके साथ ही हम देखते हें कि जब युसुफ मिस्र देश का अधिकारी हुआ था और उसके भाई अन्न मोल लेने के लिए मिस्र को गए थे, तब युसुफ को जो स्वप्न परमेश्वर ने दिया था, ठीक उसी के अनुसार उसके भाईयों ने भूमी पर गिरकर परन्तु इसके पश्चात युसुफ ने यह नहीं सोचा कि ' अब उसे दण्डवत् किया था। यह् मेरे हाथ में आए है सो अब मैं उनसे पलटा लुंगा ; क्योंकि युसुफ ने उनसे कोई बुरा बर्ताव नहीं और न ही उन्हें अपना दास बनाया। परन्तु उनके किया भाई को बुला लाने के कारण स्वभाव को जानने के कारण युक्ति करके अपने युसुफ ने उन्हें तीन दिन तक बंधुवाई में रखा था, परन्तु उनकी कोई हानि नहीं की, वरन् अपने भाई के आने तक एक जन को बन्धुवाई में रखते हुए उन्हें अन्न के साथ और चुपके से उनके पैसे उन्हीं के बोरे में रखते हुए अपने देश भेजा (उत्पत्ति ४२ ४५)| क्योंकि युसुफ तब भी परमेश्वर का भय मानता था और केद्वारा ' यह समझता था कि अपने ही भाईयों को दास परमेश्वर के आत्मा बनाना परमेश्वर की दृष्टि में दोषी ठहरना है (२ इतिहास २८ १०)| इसलिए युसुफ के साथ परमेश्वर की दृष्टि में कोई अनुचित कर्म नहीं किया और ने अपने ' भाईयों ; का ही जन होकर रहा और अपने भाईयों से भी प्रेम रखा। इसलिए यहावा (१युहन्ना ५ १) में कहा गया है कि जिसका यह विश्वास है कि येशू ही मसीह है, वह परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है और जो कोई उत्पन्न करनेवाले से प्रेम रखता है, वह उससे भी प्रेम रखता है, जो परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है। ODaily Breade4 प्रिभु येशू मसीह हमारा बड़ा भाई भी है और वो हमें भाई कहने से नहीं लजाता और उसने ही हमें पाप की बंधुवाई से और अनन्त मृत्यु से छुड़ाया है और हमारे लिए वह आनंदित हो जाता है (इब्रानियों २:१ १ १५) क्योंकि उसका प्रेम सच्चा है। इसके साथ ही हम देखते हें कि जब युसुफ मिस्र देश का अधिकारी हुआ था और उसके भाई अन्न मोल लेने के लिए मिस्र को गए थे, तब युसुफ को जो स्वप्न परमेश्वर ने दिया था, ठीक उसी के अनुसार उसके भाईयों ने भूमी पर गिरकर परन्तु इसके पश्चात युसुफ ने यह नहीं सोचा कि ' अब उसे दण्डवत् किया था। यह् मेरे हाथ में आए है सो अब मैं उनसे पलटा लुंगा ; क्योंकि युसुफ ने उनसे कोई बुरा बर्ताव नहीं और न ही उन्हें अपना दास बनाया। परन्तु उनके किया भाई को बुला लाने के कारण स्वभाव को जानने के कारण युक्ति करके अपने युसुफ ने उन्हें तीन दिन तक बंधुवाई में रखा था, परन्तु उनकी कोई हानि नहीं की, वरन् अपने भाई के आने तक एक जन को बन्धुवाई में रखते हुए उन्हें अन्न के साथ और चुपके से उनके पैसे उन्हीं के बोरे में रखते हुए अपने देश भेजा (उत्पत्ति ४२ ४५)| क्योंकि युसुफ तब भी परमेश्वर का भय मानता था और केद्वारा ' यह समझता था कि अपने ही भाईयों को दास परमेश्वर के आत्मा बनाना परमेश्वर की दृष्टि में दोषी ठहरना है (२ इतिहास २८ १०)| इसलिए युसुफ के साथ परमेश्वर की दृष्टि में कोई अनुचित कर्म नहीं किया और ने अपने ' भाईयों ; का ही जन होकर रहा और अपने भाईयों से भी प्रेम रखा। इसलिए यहावा (१युहन्ना ५ १) में कहा गया है कि जिसका यह विश्वास है कि येशू ही मसीह है, वह परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है और जो कोई उत्पन्न करनेवाले से प्रेम रखता है, वह उससे भी प्रेम रखता है, जो परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है। - ShareChat