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फरवरी हल्की ठंड में लरजते मन के #सफहों पर लिखी हुई एक अधूरी दास्तान है हर फरवरी अपने साथ कोई नया अधूरापन लेकर आती है कुछ स्मृतियाँ जो पिछली सर्दियों के धुँधलके में रह गई थीं फिर से उभरती हैं इस महीने की सुबहें कुछ सुस्त होती हैं उनींदी और आलसी जैसे कोई पुरानी किताब जो बरसों बाद फिर से खोली गई हो और शामें... वे तो और भी गहरी हल्की ठंड में सिमटी हुई किसी प्रतीक्षा में डूबी हुई फरवरी मोहब्बत के मौसम का नाम है एक आधी-अधूरी मोहब्बत कुछ प्रेम पत्र जो कभी भेजे नहीं गए कुछ मुलाकातें जो बस तय होकर रह गईं और कुछ वादे जो वक्त की धूप-छाँव में धुंधला गए यह महीना उन फासलों का है जो दिलों के बीच किसी अदृश्य धागे की तरह खिंचते रहे न पूरी तरह जुड़े न पूरी तरह टूटे वसंत की पहली दस्तक पर उलझन में होते हैं फरवरी के फूल कि खिलें या ठिठक जाएँ? इसी अधूरेपन में फरवरी अपनी पहचान गढ़ती है कुछ अधूरे ख़्वाबों अधूरे अल्फ़ाज़ों और अधूरे आलिंगनों में. .. #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #🌙 गुड नाईट #सिर्फ तुम #😘बस तुम और मैं
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - तुम एक लम्बा रस्ता लगते हो इतने पेड़ पौधे इतने जनपद इतनी सारी भाषाएँ बातें जानने की कोशिश करती हूँ Rr3 def मन में छाप लेने की भी फिर भी भटक जाती हूँ एक अजनबी की तरह भूल जाती हूँ लिए होता है रास्ता सफ़र करने के घर बसाने के लिए नहीं. तुम एक लम्बा रस्ता लगते हो इतने पेड़ पौधे इतने जनपद इतनी सारी भाषाएँ बातें जानने की कोशिश करती हूँ Rr3 def मन में छाप लेने की भी फिर भी भटक जाती हूँ एक अजनबी की तरह भूल जाती हूँ लिए होता है रास्ता सफ़र करने के घर बसाने के लिए नहीं. - ShareChat