ब्रज के दर्शन 🙏
मानसी गंगा ( गोवर्धन )
ब्रज की 4 प्रमुख गंगाओं में से एक गंगा,
एक बार श्री नन्द-यशोदा एवं सभी ब्रजवासी गंगा स्नान का विचार बनाकर गंगा जी की तरफ चलने लगे। चलते-चलते जब वे गोवर्धन पहुँचे तो वहाँ सन्ध्या हो गयी। अत: रात्रि व्यतीत करने हेतु श्री नन्द महाराज ने श्री गोवर्धन में एक मनोरम स्थान सुनिश्चित किया। यहाँ पर श्री कृष्ण के मन में विचार आया कि ब्रजधाम में ही सभी-तीर्थों का वास है, परन्तु ब्रजवासी गण इसकी महान् महिमा से अनभिज्ञ हैं। इसलिये मुझे ही इसका कोई समाधान निकालना होगा। श्रीकृष्ण जी के मन में ऐसा विचार आते ही श्री गंगा जी मानसी रूप में गिरिराज जी की तलहटी में प्रकट हुई। प्रात:काल जब समस्त ब्रजवासियों ने गिरिराज तलहटी में श्री गंगा जी को देखा तो वे विस्मित होकर एक दूसरे से वार्तालाप करने लगे। सभी को विस्मित देख अन्तर्यामी श्रीकृष्ण बोले कि इस पावन ब्रजभूमि की सेवा हेतु तो तीनों लोकों के सभी-तीर्थ यहाँ आकर विराजते हैं। परन्तु फिर भी आप लोग ब्रज छोड़कर गंगा स्नान हेतु जा रहे हैं। इसी कारण माता गंगा आपके सम्मुख आविर्भूत हुई हैं। अत: आप लोग शीघ्र ही इस पवित्र गंगा जल में स्नानादि कार्य सम्पन्न करें। श्री नन्द बाबा ने श्रीकृष्ण की इस बात को सुनकर सब गोपों के साथ इसमें स्नान किया। रात्रि को सब ने दीपावली का दान दिया। तभी से आज तक भी दीपावली के दिन यहाँ असंख्य दीपों की रोशनी की जाती है। श्रीकृष्ण के मन से आविर्भूत होने के कारण यहाँ गंगा जी का नाम मानसी गंगा पडा ।
#मथुरा वृंदावन राधा कृष्ण की नगरी #दार्शनिक स्थल #🛕मंदिर दर्शन🙏 #🙏धार्मिक पर्यटन स्थल🛕 #ब्रज मंडल
00:24

