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वायरल न्यूज - নপাল से आईं बहुएं नहीं बन सकतीं मतदाता सूची में नाम शामिल अजित बिसारिया HnqInI कराने के लिए पहले लेनी होगी लखनऊ। नेपाल से आईं बहुएं भारत की भारत की नागरिकता मतदाता नहीं बन सकती हैं। मतदाता सूची में उन्हें अपना नाम शामिल करवाने के लिए सुमन देवी पत्नी बाउर, किस = पहले लेनी   होगी। 4 #9, यहा नागारकता निवासिनी नेपालगंज निवासी होते हुए भी इसीलिए भारत की वैध ( बांके ) की शादी दशहरा बाग में हुई थी। उन्हें जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार नहीं शादी के १४ साल बाद भी एसआईआर के सूची में नहीं নিলযা अलबत्ता, तय मानक पूरा करने पर तहत उनका नाम मतदाता जोड़ा जा सका है। ऐसे   दंपतियों के बच्चे भारतीय जसूर रेशमा पत्नी फिरोज अहमदः निवासिनी नागरिक माने जाएंगे। उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो सकता है। नेपालगंज बांके का भी विवाह कई वर्ष पूर्व दशहरा बाग वार्ड रूपईडीहा में भारत और नेपाल में रोटी-बेटी का प्रगाढ़ कस  2 हुआ था, लेकिन प्रक्रियागत संबंध है। ऐसे में सिद्धार्थनगर, महराजगंज, दिक्कतों के चलते उनका नाम बलरामपुर,   गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, भी एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में लखीमपुर खीरी और पीलीभीत के लोगों की दर्ज नहीं होे पा रहा है। नेपाल में शादी हुई है। चुनाव आयोग के नेपाल अधिकारियों का कहना है कि सात साल तक भारत में लगातार निवास का की जो लड़कियां भारतीय नागरिकों से शादी करके प्रमाण और विवाह पंजीकरण अनिवार्य है यहां बस गई हैं वह यहां की वैध निवासी यह प्रक्रिया जिलाधिकारी, राज्य व केंद्र के गृह विभाग के माध्यम से पूरी होती है तो हैं॰ पर वह भारतीय नागरिक नहीं हैं। नेपाली महिलाओं को विवाह के बाद इसमें निवास का प्रमाण और वैध मैरिज भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए आवश्यक   है सर्टिफिकेट लगातार सात सबूत भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 ఫ साल तक भारत में रहने का पक्का तहत आवेदन करना होता है॰ जिसके लिए आवासीय दस्तावेज ) अनिवार्य है। নপাল से आईं बहुएं नहीं बन सकतीं मतदाता सूची में नाम शामिल अजित बिसारिया HnqInI कराने के लिए पहले लेनी होगी लखनऊ। नेपाल से आईं बहुएं भारत की भारत की नागरिकता मतदाता नहीं बन सकती हैं। मतदाता सूची में उन्हें अपना नाम शामिल करवाने के लिए सुमन देवी पत्नी बाउर, किस = पहले लेनी   होगी। 4 #9, यहा नागारकता निवासिनी नेपालगंज निवासी होते हुए भी इसीलिए भारत की वैध ( बांके ) की शादी दशहरा बाग में हुई थी। उन्हें जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार नहीं शादी के १४ साल बाद भी एसआईआर के सूची में नहीं নিলযা अलबत्ता, तय मानक पूरा करने पर तहत उनका नाम मतदाता जोड़ा जा सका है। ऐसे   दंपतियों के बच्चे भारतीय जसूर रेशमा पत्नी फिरोज अहमदः निवासिनी नागरिक माने जाएंगे। उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो सकता है। नेपालगंज बांके का भी विवाह कई वर्ष पूर्व दशहरा बाग वार्ड रूपईडीहा में भारत और नेपाल में रोटी-बेटी का प्रगाढ़ कस  2 हुआ था, लेकिन प्रक्रियागत संबंध है। ऐसे में सिद्धार्थनगर, महराजगंज, दिक्कतों के चलते उनका नाम बलरामपुर,   गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, भी एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में लखीमपुर खीरी और पीलीभीत के लोगों की दर्ज नहीं होे पा रहा है। नेपाल में शादी हुई है। चुनाव आयोग के नेपाल अधिकारियों का कहना है कि सात साल तक भारत में लगातार निवास का की जो लड़कियां भारतीय नागरिकों से शादी करके प्रमाण और विवाह पंजीकरण अनिवार्य है यहां बस गई हैं वह यहां की वैध निवासी यह प्रक्रिया जिलाधिकारी, राज्य व केंद्र के गृह विभाग के माध्यम से पूरी होती है तो हैं॰ पर वह भारतीय नागरिक नहीं हैं। नेपाली महिलाओं को विवाह के बाद इसमें निवास का प्रमाण और वैध मैरिज भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए आवश्यक   है सर्टिफिकेट लगातार सात सबूत भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 ఫ साल तक भारत में रहने का पक्का तहत आवेदन करना होता है॰ जिसके लिए आवासीय दस्तावेज ) अनिवार्य है। - ShareChat