ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ જીવન કોટ્સ
✍️ જીવન કોટ્સ - संगत का असर "सूई" जब अकेली चलती है, तो उसका "कर्म" सिर्फ "चुभना" होता है, लेकिन, जैसे ही उसे "धागे" का साथ मिलता है, उसका "कर्म" फटे हुए को जोड़ना  हो जाता है, ये होता है "संगत" का असर, संगत से "स्वभाव" तो नहीं बदलता, पर "कर्म" जरूर बदल जाते हैं संगत का असर "सूई" जब अकेली चलती है, तो उसका "कर्म" सिर्फ "चुभना" होता है, लेकिन, जैसे ही उसे "धागे" का साथ मिलता है, उसका "कर्म" फटे हुए को जोड़ना  हो जाता है, ये होता है "संगत" का असर, संगत से "स्वभाव" तो नहीं बदलता, पर "कर्म" जरूर बदल जाते हैं - ShareChat