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#shrigangajyotish #मकर संक्रांति
shrigangajyotish - %:II संक्रांति में पुण्यकाल के ।। यता थपरतता जयर निर्णय का शास्त्रोक्त विधान संक्रांति बुधवार १४ जनवरी २०२६ मकर Rg के अनुसार सामान्य संक्रांति में आठ घड़ी पूर्व और निर्णय आठ घड़ी बाद पुण्यकाल माना जाता है जबकि मकर संक्रांति को अयन संक्रांति विशेष माना जाता है। अतः उसमें १ ६ घड़ी पूर्व से ही पुण्य प्रभाव स्वीकार किया जाता हैं। १ घड़ी = २४ मिनट 16 ঘতী = 6 ঘঠ 24 মিন हूँ कि अब आपका संदेह समाप्त हो गया होगा कि आशा करता संक्रांति दोपहर ३.०७ बजे है और पुण्यकाल प्रातः ८.४३ से क्यों है ? प्रातः ८.४३ से संपूर्ण दिन पुण्यकाल दोपहर १ १.५५ से सूर्यास्त महापुण्यकाल WhatsApp for Appt. +91 9887409198 Dr Rajkumar Sharma Astrologist Astrology Gold Medalist Ph.D in Vedic Shri Ganga Jyotish Digdarshan Sanathan Reg %:II संक्रांति में पुण्यकाल के ।। यता थपरतता जयर निर्णय का शास्त्रोक्त विधान संक्रांति बुधवार १४ जनवरी २०२६ मकर Rg के अनुसार सामान्य संक्रांति में आठ घड़ी पूर्व और निर्णय आठ घड़ी बाद पुण्यकाल माना जाता है जबकि मकर संक्रांति को अयन संक्रांति विशेष माना जाता है। अतः उसमें १ ६ घड़ी पूर्व से ही पुण्य प्रभाव स्वीकार किया जाता हैं। १ घड़ी = २४ मिनट 16 ঘতী = 6 ঘঠ 24 মিন हूँ कि अब आपका संदेह समाप्त हो गया होगा कि आशा करता संक्रांति दोपहर ३.०७ बजे है और पुण्यकाल प्रातः ८.४३ से क्यों है ? प्रातः ८.४३ से संपूर्ण दिन पुण्यकाल दोपहर १ १.५५ से सूर्यास्त महापुण्यकाल WhatsApp for Appt. +91 9887409198 Dr Rajkumar Sharma Astrologist Astrology Gold Medalist Ph.D in Vedic Shri Ganga Jyotish Digdarshan Sanathan Reg - ShareChat