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#हरि_आये_हरियाणे_नूं क्योंकि सन् 1727 में फाल्गुन मास की सुदी द्वादशी को परमेश्वर कबीर जी सतलोक से आकर गरीबदास जी को मिले थे। #sa news channel
sa news channel - आदरणीय संत आदरणीय गरीबदास जी १० वर्ष की जब हुए तब कबलाना गाँव की सीमा से आयु  सटे नला खेत में जांडी के पेड़ के नीचे गरीबदास जी महाराज परमेश्वर कबीर साहिब जी सतलोक से आकर विक्रमी संवत् १७८४, सन् १७२७ में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष द्वादशी को मिले। वैशाख के की इसीलिए संत गरीबदास जी ने कहा हैः उत्तरार्ध का जन्म पूर्णिमा के दिन सन् १७१७ , विक्रमी  सर्व कला सतगुरु साहेब की, संवत् १७७४ में ग्राम छुड़ानी, जिला  हरिओयि झज्चर, हरियाणा में हुआ था। ತತ್ತಾರೆಿ Sant Rampal Ji YOUTUBE Free Bodka Maharaj CHANNEL 7496001025| 15IP பIh आदरणीय संत आदरणीय गरीबदास जी १० वर्ष की जब हुए तब कबलाना गाँव की सीमा से आयु  सटे नला खेत में जांडी के पेड़ के नीचे गरीबदास जी महाराज परमेश्वर कबीर साहिब जी सतलोक से आकर विक्रमी संवत् १७८४, सन् १७२७ में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष द्वादशी को मिले। वैशाख के की इसीलिए संत गरीबदास जी ने कहा हैः उत्तरार्ध का जन्म पूर्णिमा के दिन सन् १७१७ , विक्रमी  सर्व कला सतगुरु साहेब की, संवत् १७७४ में ग्राम छुड़ानी, जिला  हरिओयि झज्चर, हरियाणा में हुआ था। ತತ್ತಾರೆಿ Sant Rampal Ji YOUTUBE Free Bodka Maharaj CHANNEL 7496001025| 15IP பIh - ShareChat