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#mere alfaaz
mere alfaaz - अनकही सी हे एक मॉकी कहानी , दर्द सहकरदेती है हमें जिन्दगानी  धड़कनों से जैसे जुड़ी हों उसकी सासें, # दर्दहो मुझे तो भरआती हैं उसकी आँखें जीवन में हरकदम परसाथदेतीहै बिना बताये खामोशियों को पहचानलेती हे पलमें ही दूरकरदेती है मेरी बेचैनियां, " गोदमें अपनी जब सुलाती है हमको मेरी माँ। अनकही सी हे एक मॉकी कहानी , दर्द सहकरदेती है हमें जिन्दगानी  धड़कनों से जैसे जुड़ी हों उसकी सासें, # दर्दहो मुझे तो भरआती हैं उसकी आँखें जीवन में हरकदम परसाथदेतीहै बिना बताये खामोशियों को पहचानलेती हे पलमें ही दूरकरदेती है मेरी बेचैनियां, गोदमें अपनी जब सुलाती है हमको मेरी माँ। - ShareChat