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#☪️जुम्मा मुबारक🌙 #😳अच्छी सोच अच्छे विचार👌
☪️जुम्मा मुबारक🌙 - ,मशहूर कलाम } ये नाज़ ये अंदाज़ हमारे नहीं होते..  > झोली में अगर टुकड़े नहीं होते तुम्हारे जब तक कि मदीने से इशारे नहीं होते रौशन कभी क़िस्मत के सितारे नहीं होते में हमें कौन छुपाता दामान ए शफ़ा अत सरकार अगर आप हमारे नहीं होते.. >> मिलती न अगर भीक हुजूर आप के दर से इस ठाट से मँगतों के নক্ী কীন  > ঘুড়াই  >>> बे दाम ही बिक जाइए बाज़ार ए नबी में इस शान के सौदे में ख़सारे नहीं होते.., ये निस्बत ए सरकार का एजाज़ है वर्ना 1 से नुमूदार किनारे नहीं होते. तूफ़ाँ  22> ख़ालिद ये तसद्दक़ है फ़क़त नात का 848 वर्ना महशर में तेरे वारे नियारे नहीं होते ,मशहूर कलाम } ये नाज़ ये अंदाज़ हमारे नहीं होते..  > झोली में अगर टुकड़े नहीं होते तुम्हारे जब तक कि मदीने से इशारे नहीं होते रौशन कभी क़िस्मत के सितारे नहीं होते में हमें कौन छुपाता दामान ए शफ़ा अत सरकार अगर आप हमारे नहीं होते.. >> मिलती न अगर भीक हुजूर आप के दर से इस ठाट से मँगतों के নক্ী কীন  > ঘুড়াই  >>> बे दाम ही बिक जाइए बाज़ार ए नबी में इस शान के सौदे में ख़सारे नहीं होते.., ये निस्बत ए सरकार का एजाज़ है वर्ना 1 से नुमूदार किनारे नहीं होते. तूफ़ाँ  22> ख़ालिद ये तसद्दक़ है फ़क़त नात का 848 वर्ना महशर में तेरे वारे नियारे नहीं होते - ShareChat