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#🥰میرا سٹیٹس ❤️
🥰میرا سٹیٹس ❤️ - तुझे से फिर मिलने अलविदा ऐ माहे रमज़ान अलविदा| का होगा या ना होगा इत्तेफ़ाक इसलिए कहते है हम अब तेरे आने से ज़माना हर तरफ़ पुरनूर अश्क रेज़ा अलविदा मस्जिदों मेहराब मिंबर जगमगाते जा बजा रोज़ था आह ऐसी बरकते दारो का भी था चेहरा बड़ा रौनक भरा  हमसे होती है जुदा आह ए रमज़ान कोई दम का तू 3d हर मुसलमान अब जुदाई से तेरी बेजान है महमान है कोई तड़पता हे कोई तस्वीर सा हेरान हे फिर क्यों न रो रो करो  कहे हर मुसलमान अलविदा आह अब जाता है तू ए माहे रमज़ान अस्सलाम काश फिर लाए तुझे हम भी ज़़िंदा रह के देखे दुनिया में जब रब्बुल अनाम ऐ पाक पारवर दिगार आलम इस मुबारक सुबह शाम महीने के सदके से हमसबके सगीरा कबीरा  को माफ़ गुनाहों : फरमा और हमारी टूटी फूटी इबादत को क़ुबूल फरमा (अमीन तुझे से फिर मिलने अलविदा ऐ माहे रमज़ान अलविदा| का होगा या ना होगा इत्तेफ़ाक इसलिए कहते है हम अब तेरे आने से ज़माना हर तरफ़ पुरनूर अश्क रेज़ा अलविदा मस्जिदों मेहराब मिंबर जगमगाते जा बजा रोज़ था आह ऐसी बरकते दारो का भी था चेहरा बड़ा रौनक भरा  हमसे होती है जुदा आह ए रमज़ान कोई दम का तू 3d हर मुसलमान अब जुदाई से तेरी बेजान है महमान है कोई तड़पता हे कोई तस्वीर सा हेरान हे फिर क्यों न रो रो करो  कहे हर मुसलमान अलविदा आह अब जाता है तू ए माहे रमज़ान अस्सलाम काश फिर लाए तुझे हम भी ज़़िंदा रह के देखे दुनिया में जब रब्बुल अनाम ऐ पाक पारवर दिगार आलम इस मुबारक सुबह शाम महीने के सदके से हमसबके सगीरा कबीरा  को माफ़ गुनाहों : फरमा और हमारी टूटी फूटी इबादत को क़ुबूल फरमा (अमीन - ShareChat