Wallet Install
Home
Explore
Wallet
Video
Profile
Trends
English
umair_sahab_umri - Author on ShareChat
umair_sahab_umri
15K views • 4 months ago
Chaina #chin

Video tag is not supported on your browser

121 likes
81 shares

More like this

  • Manish - Author on ShareChat
    Manish
    Tibet - yuvak ne kiya aatmdah #tibat #chin
    चीन के तिब्बत पर नियंत्रण के विरोध में २००९ से अब तक १५० से ज्यादा तिब्बती खुद को आग लगाकर जान दे चुके हैं। &,` बौद्ध इनमें  साध्वियां, छात्र , किसान और आम लोग शामिल 81 पहला चर्चित मामला फरवरी २००९ में सामने आया, जब युवा भिक्षु  तपे ने खुद को आग लगा ली थी। मार्च २०११ में किरती भिक्षु ' मठ के २१ वर्षीय फुंटसोग ने आत्मदाह किया। इसके बाद २०१२ और २०१३ में ऐसी घटनाएं सबसे ज्यादा हुईं। चीन ने २०१४ के बाद तिब्बत में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी कडी कर दी। इसके बाद आत्मदाह की घटनाओं में कमी आई, लेकिन विरोध पूरी तरह थमा नहीं। तिब्बती संगठनों का कहना है कि लोग चीन के शासन का विरोध जताने , दलाई लामा की तिब्बत वापसी , धार्मिक और सांस्कृतिक आजादी , तिब्बती भाषा और पहचान बचाने की मांग को लेकर ने खुद ' यह कदम उठाते हैं। कई लोगों को आग लगाने से पहले ब्बत को आजाद करो' , ' दलाई लामा को वापस आने दो' और तिब्बत छोड़ो ' जैसे संदेश भी छोड़े। चीन का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे निर्वासित तिब्बती नेतृत्व लोगों को भड़काता है। वहीं, निर्वासित तिब्बती प्रशासन इस आरोप को खारिज करता है। उसका कहना है कि लोग चीन की नीतियों और लगातार बढ़ते दबाव से परेशान होकर अपनी जान दे रहे हैं। चीन के तिब्बत पर नियंत्रण के विरोध में २००९ से अब तक १५० से ज्यादा तिब्बती खुद को आग लगाकर जान दे चुके हैं। &,` बौद्ध इनमें  साध्वियां, छात्र , किसान और आम लोग शामिल 81 पहला चर्चित मामला फरवरी २००९ में सामने आया, जब युवा भिक्षु  तपे ने खुद को आग लगा ली थी। मार्च २०११ में किरती भिक्षु ' मठ के २१ वर्षीय फुंटसोग ने आत्मदाह किया। इसके बाद २०१२ और २०१३ में ऐसी घटनाएं सबसे ज्यादा हुईं। चीन ने २०१४ के बाद तिब्बत में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी कडी कर दी। इसके बाद आत्मदाह की घटनाओं में कमी आई, लेकिन विरोध पूरी तरह थमा नहीं। तिब्बती संगठनों का कहना है कि लोग चीन के शासन का विरोध जताने , दलाई लामा की तिब्बत वापसी , धार्मिक और सांस्कृतिक आजादी , तिब्बती भाषा और पहचान बचाने की मांग को लेकर ने खुद ' यह कदम उठाते हैं। कई लोगों को आग लगाने से पहले ब्बत को आजाद करो' , ' दलाई लामा को वापस आने दो' और तिब्बत छोड़ो ' जैसे संदेश भी छोड़े। चीन का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे निर्वासित तिब्बती नेतृत्व लोगों को भड़काता है। वहीं, निर्वासित तिब्बती प्रशासन इस आरोप को खारिज करता है। उसका कहना है कि लोग चीन की नीतियों और लगातार बढ़ते दबाव से परेशान होकर अपनी जान दे रहे हैं।
    11
    17
  • Mr.KKNirmal - Author on ShareChat
    Mr.KKNirmal
    #gudiya #china #ind vs china #chin #🌐 अंतर्राष्ट्रीय अपडेट
    gfser चीन की 'डार्क स्किन' एक गुड़िया ने पर छिड़ा विवाद भर में दुनिया Notosha [, सवाल खड़े कर 3= ನಣ 8i I इंसान की पहचान तय होगी ? CONIROVERSY खिलौंने मुस्कान बाँटने के लिए होते हैं॰ भेदभाव सिखाने के लिए नहीं | WEARE EQUALITY MmNirmal EQUAL STOP NOT RACISM RACISM lifenirmal NEWS सम्मान का कोई BREAKING  रंग नहीं होता , गुड़िया के रंग को लेकर इंसानियत ही सबसे में बहस तेज  दुनिया भर ` बड़ी पहचान है। MrKKNirmal gfser चीन की 'डार्क स्किन' एक गुड़िया ने पर छिड़ा विवाद भर में दुनिया Notosha [, सवाल खड़े कर 3= ನಣ 8i I इंसान की पहचान तय होगी ? CONIROVERSY खिलौंने मुस्कान बाँटने के लिए होते हैं॰ भेदभाव सिखाने के लिए नहीं | WEARE EQUALITY MmNirmal EQUAL STOP NOT RACISM RACISM lifenirmal NEWS सम्मान का कोई BREAKING  रंग नहीं होता , गुड़िया के रंग को लेकर इंसानियत ही सबसे में बहस तेज  दुनिया भर ` बड़ी पहचान है। MrKKNirmal
    6
    9
Home
Explore
Wallet
Video