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#✨આધ્યાત્મિક વિચાર📜
✨આધ્યાત્મિક વિચાર📜 - हरि शरणं सिंधु  खरारि प्रनतपाल रघुनायक करुना गएँ सरन प्रभु राखिहैं तव अपराध बिसारि कितने ही अपराध क्यो न किये हो॰ यदि जीवन मे 377 तुम एक बार भी सच्चे मन से भगवान के शरण हो जाओ सारे अपराधो को भुलाकर तुम्हे सदा के लिये 77 چ 35R अपनी गोद मे बिठा लेंगे, वे दया के समुद्र है हरि शरणं सिंधु  खरारि प्रनतपाल रघुनायक करुना गएँ सरन प्रभु राखिहैं तव अपराध बिसारि कितने ही अपराध क्यो न किये हो॰ यदि जीवन मे 377 तुम एक बार भी सच्चे मन से भगवान के शरण हो जाओ सारे अपराधो को भुलाकर तुम्हे सदा के लिये 77 چ 35R अपनी गोद मे बिठा लेंगे, वे दया के समुद्र है - ShareChat