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#GodNightThursday बिन उपदेश अचम्भ है, क्यों जिवत है प्राण। भक्ति बिना कहाँ ठौर है, ये नर नाहीं पाषाण।। परमात्मा कबीर जी कह रहे हैं कि हे भोले मानव! बिना सतगुरु दीक्षा किस आस पर जी रहा है? यह शरीर भी तेरा नहीं - एक दिन छूट जाएगा, फिर संपत्ति पर तेरा अधिकार कैसा? 👉अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj YouTube channel देखें। #GodNightThursday
GodNightThursday - { बतूल 1 बिन उपदेश अचम्भ है, क्यों frqd ే प्राण | भक्ति बिना कहाँ ठौर है, ये नर नाहीं पाषाण परमात्मा कबीर जी कह रहे हैं कि हे भोले भावार्थः- आश्चर्य है कि बिना गुरू से दीक्षा लिए मानव! किस आशा को लेकर जीवित है।नतो शरीर तेरा है, फिर सम्पत्ति आपकी कैसे है ? यह भी त्यागकर जाएगा जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Satlok Ashram Betul @Satlok_Ashram_Betull @SatlokBetul_ { बतूल 1 बिन उपदेश अचम्भ है, क्यों frqd ే प्राण | भक्ति बिना कहाँ ठौर है, ये नर नाहीं पाषाण परमात्मा कबीर जी कह रहे हैं कि हे भोले भावार्थः- आश्चर्य है कि बिना गुरू से दीक्षा लिए मानव! किस आशा को लेकर जीवित है।नतो शरीर तेरा है, फिर सम्पत्ति आपकी कैसे है ? यह भी त्यागकर जाएगा जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Satlok Ashram Betul @Satlok_Ashram_Betull @SatlokBetul_ - ShareChat