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#GodNightTuesday गरीब, तन मन सेती दूर है, मांहे मंझ मिलाप। तरबर छाया विरछ में, है सो आपे आप।। सरलार्थ:- वह परमेश्वर दूर सतलोक में है जिसे स्थूल शरीर तथा मन की कल्पनाओं से नहीं देख सकते। वैसे उस प्रभु का प्रभाव शरीर में भी है। इस प्रकार जीव से मिला भी है। ##GodNightTuesday
#GodNightTuesday - e சieசசfqI गरीब, नन मन सेती तरबर छाया विरछर्मे, हैसो आपे आप।| सरलार्थः वह परमेश्वर दूर सतलोक में है जिसे  যথুল  शरीर तथा मन की कल्पनाओं से नहीं देख सकते | वैसे उस प्रभु का प्रभाव शरीर में भी है। इस प्रकार जीव से मिला भी है। जैसे तरवर (वृक्ष) की छाया वृक्ष का ही प्रतिबिंब होती है। ऐसे परमेश्वर तो सतलोक आदि आदि ऊपर के लोकों में है। उसकी में फैली है| शक्ति वृक्ष की छाया की तरह सर्व সম্াঞ্ডী ' जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SANT RAMPAL Jl SPIRITUAL LEADER @SAINTRAMPAUIM ( SUPREMEGODORG MAHARAJ SAINT RAMPAL JI e சieசசfqI गरीब, नन मन सेती तरबर छाया विरछर्मे, हैसो आपे आप।| सरलार्थः वह परमेश्वर दूर सतलोक में है जिसे  যথুল  शरीर तथा मन की कल्पनाओं से नहीं देख सकते | वैसे उस प्रभु का प्रभाव शरीर में भी है। इस प्रकार जीव से मिला भी है। जैसे तरवर (वृक्ष) की छाया वृक्ष का ही प्रतिबिंब होती है। ऐसे परमेश्वर तो सतलोक आदि आदि ऊपर के लोकों में है। उसकी में फैली है| शक्ति वृक्ष की छाया की तरह सर्व সম্াঞ্ডী ' जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SANT RAMPAL Jl SPIRITUAL LEADER @SAINTRAMPAUIM ( SUPREMEGODORG MAHARAJ SAINT RAMPAL JI - ShareChat