ShareChat
click to see wallet page
search
#3 जनवरी शिक्षक दिवस #3 जनवरी #📢3 जनवरी के अपडेट
3 जनवरी शिक्षक दिवस - आज के दिन का इतिहास SrareCne 1831 सावित्रीबाई फुले 1848 का जन्म दैश मैं लइकियों कै लिए पहला स्कूल सावित्रीयाई और  उनकै पति ज्यौतिराव नै पुणे मै खोला था। इसके बाद  आर स्कूल  दौनो ने लडकियों के लिए १७ आजञ ही के दिन 3 जनवरी को देश की पहली खाल।  महिला टीचर सावित्रीयाई फुले का जन्म महाराष्ट्र सातारा में एक किसान परिवार मे हुआ था।  200 १९९८ मे भारतीय डाक  { विभागनसावित्ीवाई उन्होने महिलाओं की स्थिति फुले परएक डाक टिकट  मे सुधार लाने में अहम भूमिका  जारी किया था। निभाई ओरभारत मे महिला  शिक्षा की अगुआा यर्नी। মাণিসীমাৎ ফাHানে চী মনম पहली आधुनिक नारीवादियों मे॰ एक माना जाता ह। 1840 सावित्नीबाई ने१९वीं सदी महजती साल कीउमःमे गें छुआनछूत सतीप्रथाः सावित्रीवाई काचियाह १३ साल बाल- विवाह और विधवा फुले से ঐ সথানিযণ डुआ था। निवाह निषेध जैेसी कुरीतियां के विरुद्ध अपने प्ति के साथ उन्हाने याल  चिलकन काम कियाः विवाह औरसर्ती | बुराइयों  प्रथा जैसी GIIFEIIII సజ कखिलाफ आवाज उठाई। ३ जनवदी १8३ | M0alF1897 आज के दिन का इतिहास SrareCne 1831 सावित्रीबाई फुले 1848 का जन्म दैश मैं लइकियों कै लिए पहला स्कूल सावित्रीयाई और  उनकै पति ज्यौतिराव नै पुणे मै खोला था। इसके बाद  आर स्कूल  दौनो ने लडकियों के लिए १७ आजञ ही के दिन 3 जनवरी को देश की पहली खाल।  महिला टीचर सावित्रीयाई फुले का जन्म महाराष्ट्र सातारा में एक किसान परिवार मे हुआ था।  200 १९९८ मे भारतीय डाक  { विभागनसावित्ीवाई उन्होने महिलाओं की स्थिति फुले परएक डाक टिकट  मे सुधार लाने में अहम भूमिका  जारी किया था। निभाई ओरभारत मे महिला  शिक्षा की अगुआा यर्नी। মাণিসীমাৎ ফাHানে চী মনম पहली आधुनिक नारीवादियों मे॰ एक माना जाता ह। 1840 सावित्नीबाई ने१९वीं सदी महजती साल कीउमःमे गें छुआनछूत सतीप्रथाः सावित्रीवाई काचियाह १३ साल बाल- विवाह और विधवा फुले से ঐ সথানিযণ डुआ था। निवाह निषेध जैेसी कुरीतियां के विरुद्ध अपने प्ति के साथ उन्हाने याल  चिलकन काम कियाः विवाह औरसर्ती | बुराइयों  प्रथा जैसी GIIFEIIII సజ कखिलाफ आवाज उठाई। ३ जनवदी १8३ | M0alF1897 - ShareChat