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स्त्री ने विश्वास लिखा... बेटी कहलाई। स्नेह लिखा... बहन कहलाई। समर्पण लिखा... पत्नी कहलाई। ममता लिखा... माँ कहलाई। प्रेम लिखा तो !!!! तन गई भृकुटियाँ, उठ गई उंगलियाँ कई, कुलटा कहलाई। विश्वास... स्नेह... समर्पण... और ममता.. प्रेम से अंतर तो नहीं ,फिर... स्त्री प्रेम में क्यों कर कुलटा कहलाई || #✍️🌺༺꧁ आज का दिन ꧂༻🌺✍️ #❤༺꧁ My Love ꧂༻❤ #😍स्टेटस की दुनिया🌍 #😏 रोचक तथ्य #📱मोबाइल की दुनिया🌎
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