ShareChat
click to see wallet page
search
#👫 हमारी ज़िन्दगी
👫 हमारी ज़िन्दगी - ज़़िंदा हूँ मगर जिंदगी से दूर हूँ, 3াণ বযা হম कदर मजबूर हूँ॰ बिना ग़लती के सजा मिलती हैं मुझे आखिर किससे कहूं कि मैं बेकसूर हूँ॰. ज़़िंदा हूँ मगर जिंदगी से दूर हूँ, 3াণ বযা হম कदर मजबूर हूँ॰ बिना ग़लती के सजा मिलती हैं मुझे आखिर किससे कहूं कि मैं बेकसूर हूँ॰. - ShareChat