ShareChat
click to see wallet page
search
🙏राम राम जी : CJC🙏 *लालटेन* °°°°°°°°°°° एक गाँव में एक अंधा व्यक्ति रहता था. वह रात में जब भी बाहर जाता, एक जली हुई लालटेन हमेशा अपने साथ रखता था. *एक रात वह अपने दोस्त के घर से भोजन कर अपने घर वापस आ रहा था.* हमेशा की तरह उसके हाथ में एक जली हुई लालटेन थी. कुछ शरारती लड़कों ने जब उसके हाथ में लालटेन देखी, तो उस पर हंसने लगे और उस पर व्यंग्य बाण छोड़कर कहने लगे, *“अरे, देखो-देखो अंधा लालटेन लेकर जा रहा है. अंधे को लालटेन का क्या काम?”* उनकी बात सुनकर अंधा व्यक्ति ठिठक गया और नम्रता से बोला, *“सही कहते हो भाईयों. मैं तो अंधा हूँ. देख नहीं सकता. मेरी दुनिया में तो सदा से अंधेरा रहा है. मुझे लालटेन से क्या काम? मेरी आदत तो अंधेरे में ही जीने की है. लेकिन आप जैसे आँखों वाले लोगों को तो अंधेरे में जीने की आदत नहीं होती. आप लोगों को अंधेरे में देखने में समस्या हो सकती है. कहीं आप जैसे लोग मुझे अंधेरे में देख ना पायें और धक्का दे दें, तो मुझ बेचारे का क्या होगा? इसलिए ये लालटेन आप जैसे लोगों के लिए लेकर चलता हूँ. ताकि अंधेरे में आप लोग मुझ अंधे को देख सकें.”* अंधे व्यक्ति की बात सुनकर वे लड़के शर्मसार हो गए और उससे क्षमा मांगने लगे. उन्होंने प्रण किया कि भविष्य में बिना सोचे-समझे किसी से कुछ नहीं कहेंगे. दोस्तों, *हमें कभी भी किसी व्यक्ति का उपहास नहीं करना चाहिए जब तक हम उसकी स्थिति, संघर्ष या परिस्थितियों को पूरी तरह न समझ लें। हर इंसान की ज़िंदगी में कुछ न कुछ कठिनाइयाँ होती हैं और शब्दों की ताकत जबरदस्त होती है—वे घाव दे सकते हैं या सुकून। इसलिए किसी पर टिप्पणी करने या कुछ कहने से पहले सोच विचार करें ताकि हमारे शब्द किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं।* 👉इ मीडिया से साभार उद्धरित👈 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #☝अनमोल ज्ञान #🙌🏻मेरी कलाकृति #❤️जीवन की सीख
✍मेरे पसंदीदा लेखक - हमें कभी भी किसी व्यक्ति का उपहास नहीं करना चाहिए जब तक हम उसकी स्थिति, संघर्ष या परिस्थितियों को पूरी तरह न समझ लें। हर इंसान की में कुछ न कुछ कठिनाइयाँ होती जिंदगी हैं और शब्दों की ताकत जबरदस्त होती हैवे घाव दे सकते हैं या सुकून। इसलिए किसी पर टिप्पणी करने या सोच विचार करें कुछ कहने से पहले ताकि हमारे शब्द किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं। हमें कभी भी किसी व्यक्ति का उपहास नहीं करना चाहिए जब तक हम उसकी स्थिति, संघर्ष या परिस्थितियों को पूरी तरह न समझ लें। हर इंसान की में कुछ न कुछ कठिनाइयाँ होती जिंदगी हैं और शब्दों की ताकत जबरदस्त होती हैवे घाव दे सकते हैं या सुकून। इसलिए किसी पर टिप्पणी करने या सोच विचार करें कुछ कहने से पहले ताकि हमारे शब्द किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं। - ShareChat