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ANSHU CREATION - Author on ShareChat
ANSHU ✍️ CREATION
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#💮घट स्थापना, पूजा विधि और मुहूर्त🪔📿 #🪔नवरात्रि Coming soon⏳ #🙏जय माता दी📿 #🙏 जय माँ दुर्गा 🙏 #🔯नवरात्रि विशेष उपाय💫📿

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    #🪔 गौरी व्रत मुहूर्त और पूजाविधि 🙏
    अखंड सौभाग्य, दांपत्य और मनचाहा सुखी নং ান ক লিব गौरी व्रत पुहूर्त और पूजा विधि 50 गौरी ब्रत सुहागिन महिलाओं और कन्याओं द्वारा किया जाने वाला महत्वपूर्ण व्रत है। एक गौरी व्रत मुहूर्त পুতা নিখি दिनांक : २४ अगस्त २०२५ , रविवार प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और ब्रत का संकल्प लें | पूजा मुहूर्त सुबह ०६:०५ बजे ०८:३५ बजे तक माता गौरी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें और विधि-विधान से पूजन करें । तृतीया तिथि प्रारंभ : २३ अगस्त २०२५ रात ११:३८ बजे से धूप, दीप, नैवेद्य, फल, फूल, अक्षत, रोली , चंदन अर्पित करें | तिथि নূনীযা समाप्त : गौरी ब्रत कथा पढ़ें या सुनें और माता से २४ अगस्त २०२५ रात ११:५७ बजे तक सौभाग्य व सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें | अनुसार मुहूर्त में थोड़ा नोटः अपने स्थान के परिवर्तन संभव है। आरती करें और परिवार के कल्याण की कामना करें | व्रत का महत्व पूजा के बाद प्रसाद बाँटें और ब्रत का इस ब्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख, पारण करें शांति और समूद्धि आती है तथा अविव्वाहित fகிகப माता गौरी और भगवान कन्याओं को योग्य वर की प्राप्ति होती है। आप और आपके परिवार पर सदा बनी रहे। हर हर महादेव हर हर महादेव  ahirprinceyadav
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    #🪔 गौरी व्रत मुहूर्त और पूजाविधि 🙏
    अखंड सौभाग्य और मनचाहा वर पाने के लिए गौरी व्रत मुहूर्त और पूजा विधि गौरी व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य और कन्याओं के लिए मनचाहा वर हरहर प्राप्ति का विशेष व्रत है। महादेव ब्रत का महत्व इस ब्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है तथा अविवाहित कन्याओं को योग्य वर की प्राप्ति होती . है। पूजा विधि गौरी व्रत मुहूर्त प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और ब्रत का संकल्प लें । নিথি भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया माता गौरी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें दिनांक २४ अगस्त २०२५, रविवार और विधि-विधान से पूजन करें । 444, धूप, दीप फूल, अक्षत , फल पूजा मुहूर्त : सुबह ०६ः०५ बजे से रोली , चंदन अर्पित करें। ०८:३५ बजे तक गौरी ब्रत कथा पढ़ें या सुनें और माता से तीया तिथि प्रारंभ सौभाग्य व सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। २३ अगस्त २०२५ रात ११३८ बज आरती करें और परिवार के कल्याण की करें। নূনীয়া নিথি মমাদ কামনা २४ अगस्त २०२५ पूजा के बाद प्रसाद बांटें और ब्रत का  रात ११:५७ बज तक पारण करें । नोटः अएने स्थान के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा परिवर्तन संभव है।  माता गौरी और भगवान शिव की कृपा आप और आपके परिवार बनी रहे। हर हर महादेव 4 पर सदा @ahirprinceyadav
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  • kusum - Author on ShareChat
    kusum
    #कजरी तीज और संकष्टी(बहुला) चौथ #शुभ मुहूर्त पूजा विधि
    AstrovastuBloggen बहुला घणेश 2026 चतुर्थी व्रत , पूजा , महत्व एवं शुभ मुहूर्त ক কৃষ্া बहुला चोथ ( वहुला பகி चतुर्थी)  भादपद मास  चतुर्थी को मनाई जाती हे। इस दिन श्रीकृष्ण ने गोपूजा के दिन के रूप मे मान्यता " की हे। इस व्रत के प्रभाव से सतान की रक्षा व संतान की प्राप्ति होती हे। সত্রান शुभ मुहूर्त और समय व्रत और पूजा विधि বনুর্থী নিথি  কা সাসে: इस दिन भगवान कृष्ण  ३१ अगस्त २०२६ को [ गणेश जी तथा सुवह ०८ ५२ चजे से होगा।  गाय बछडे की प्रूजा की जाती हे। বনুর্থী নিথি কা মপাণন : 1 মিননয 2026 কী इस वत मे गाय के सुबह ०७ ४२ चजे होगा। दूघ ओर उससे वनी गोधूलि पूजा का समय रहेगा : चीजों का सेवन नही  शाम ०६ ४३ चजे से किया जाता हे। যল 07:08 বস নক शाम को गोधूलि वेला  चंद्रोदय का समयः স পুতা ক বাহ যন লযাময 08:50 বরত जो विभिन स्यानों के अनुसार  चंद्रमा को अर्घ्य देकर थोड़ा भिनभिनहो सकता ह वत खोला जाता हे। बहुला चौथ का महत्व बहुला चोथ (जिसे बहुला  যা শাল বরাথ মী করমন ৮) সানপন चतुथी  मास के कृष्ण पक्ष की मनाया जाने वाला एक प्रमुख বনুর্খী কী हिद्र तत ओर पर्व हे।
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