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#सरस्वती माता. Basant panchmi ki hardik shubhkamnaen
सरस्वती माता. Basant panchmi ki hardik shubhkamnaen - जय माँ शारदे २३ जनवरी बसंत पंचमी २०२६ सरस्वती पूजा की विधि : १. तिथि और समयः बसंत पंचमी (२०२६ में २३ जनवरी) को सुबह जल्दी उठें। शुद्धिकरणः पवित्र स्नान करें और पीले वस्त्र पहनें । 2. ३. स्थानः पूजा स्थल को साफ करें , गंगाजल छिड़कें और एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं। সনিমা থণনা : माँ सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें साथ में गणेश जी 1 की छोटी प्रतिमा भी रखें। पूजा सामग्री : १. पीले फूल, हल्दी, कुमकुम, अक्षत धूप, दीपक, अगरबत्ती, चंदन | २. भोगः पीली मिठाई (जैसे बेसन के लड्डू, हलवा) और मीठे चावल नोटबुक, ३. ज्ञान की वस्तुएँः किताबें, कलम, वाद्य यंत्र आदि माँ के चरणों में रखें। मंत्र जाप और आरती : १. माँ को गंगाजल से स्नान कराएं॰ फिर तिलक लगाएं। 'ऊँ ऐं सरस्वत्यै नमः' मंत्र का कम से कम १०८ बार जाप करें । 2. ३. सरस्वती चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करें। पूजा के बाद प्रसाद घर के सदस्यों में बांटें। Pali जय माँ शारदे २३ जनवरी बसंत पंचमी २०२६ सरस्वती पूजा की विधि : १. तिथि और समयः बसंत पंचमी (२०२६ में २३ जनवरी) को सुबह जल्दी उठें। शुद्धिकरणः पवित्र स्नान करें और पीले वस्त्र पहनें । 2. ३. स्थानः पूजा स्थल को साफ करें , गंगाजल छिड़कें और एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं। সনিমা থণনা : माँ सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें साथ में गणेश जी 1 की छोटी प्रतिमा भी रखें। पूजा सामग्री : १. पीले फूल, हल्दी, कुमकुम, अक्षत धूप, दीपक, अगरबत्ती, चंदन | २. भोगः पीली मिठाई (जैसे बेसन के लड्डू, हलवा) और मीठे चावल नोटबुक, ३. ज्ञान की वस्तुएँः किताबें, कलम, वाद्य यंत्र आदि माँ के चरणों में रखें। मंत्र जाप और आरती : १. माँ को गंगाजल से स्नान कराएं॰ फिर तिलक लगाएं। 'ऊँ ऐं सरस्वत्यै नमः' मंत्र का कम से कम १०८ बार जाप करें । 2. ३. सरस्वती चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करें। पूजा के बाद प्रसाद घर के सदस्यों में बांटें। Pali - ShareChat