#508वां_GodKabir_निर्वाणदिवस
पांच तत्व का धड़ नहीं मेरा, जानूं ज्ञान अपारा।
कबीर साहेब स्वयं कहते हैं—मैं अविनाशी परमात्मा हूँ।
न मेरा जन्म होता है, न मृत्यु। सबका उद्धार करने ही परमेश्वर कबीर साहेब आए थे।
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![sant ram pal ji maharaj - न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1iRmpa AMnll ral ' न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1iRmpa AMnll ral ' - ShareChat sant ram pal ji maharaj - न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1iRmpa AMnll ral ' न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1iRmpa AMnll ral ' - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_826300_151e69ed_1769585824798_sc.jpg?tenant=sc&referrer=pwa-sharechat-service&f=798_sc.jpg)

