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#ધર્મ અને અધ્યાત્મ
ધર્મ અને અધ્યાત્મ - आध्यात्म की ओर. owards Spirituality) की इस् आधुनिक जीवनशैली क्या आत्म ज्ञान या आध्यात्मिकता में कोई आवश्यकता है ? क्या इस्से हमारी वर्तमान समस्याओं का हल प्राप्त हो सकता है ? सर्व विदित है कि अनेकों युद्ध अकेले जीतने वाला अर्जुन महाभारत युद्ध के समय विषाद और अवसाद nervous & depressed ) होकर, अपने शस्त्र छोड़ ग्रस्त कि वह युद्ध नहीं बार भगवान से निवेद्न करने लगा 07 aగ भगवान ने उसे कौन सा ज्ञान दिया करना चाहता। तब उस समय जिससे वह विषाद मुक्त होकर युद्ध के लिए तत्पर हो गया ? भगवान ने उसते आध्यात्मिक ज्ञान से आत्मनिष्ठ स्थिति में स्थित किया और स्वधर्म (आत्मिक धर्म) का परिचय केकर उसकी अनंत शक्ति को उजागर करने की विथि बताई जिससे वह कर्मयोगी की हर चुनौती का सामना कर सके। आज जीवन बनकर जीवन சிரக संघर्ष है, हर वक्त युद्ध करना पड़ता है, जीवन की कई चुनौतियों के सामने अर्जुन की ही तरह हम nervous और depressed हो जाते हैं। अर्जुन की तरह " क्या करुं, क्या न की दुविधा में जकड़े मनुष्य के मन में आता हैकि आखिर কত" भी ये संघर्ष कब तक ? ऐसे में आत्म ज्ञान ही मन का तनाव और भय दूर कर निर्भय और शक्ति संपग्न बनाता है। राजयोग से अपनी  आंतरिक शक्तियों को उजागर कर आत्म विश्वास् से हर चुनौती कर सकते है। कासामना Brahmakumaris 8 August 2023 आध्यात्म की ओर. owards Spirituality) की इस् आधुनिक जीवनशैली क्या आत्म ज्ञान या आध्यात्मिकता में कोई आवश्यकता है ? क्या इस्से हमारी वर्तमान समस्याओं का हल प्राप्त हो सकता है ? सर्व विदित है कि अनेकों युद्ध अकेले जीतने वाला अर्जुन महाभारत युद्ध के समय विषाद और अवसाद nervous & depressed ) होकर, अपने शस्त्र छोड़ ग्रस्त कि वह युद्ध नहीं बार भगवान से निवेद्न करने लगा 07 aగ भगवान ने उसे कौन सा ज्ञान दिया करना चाहता। तब उस समय जिससे वह विषाद मुक्त होकर युद्ध के लिए तत्पर हो गया ? भगवान ने उसते आध्यात्मिक ज्ञान से आत्मनिष्ठ स्थिति में स्थित किया और स्वधर्म (आत्मिक धर्म) का परिचय केकर उसकी अनंत शक्ति को उजागर करने की विथि बताई जिससे वह कर्मयोगी की हर चुनौती का सामना कर सके। आज जीवन बनकर जीवन சிரக संघर्ष है, हर वक्त युद्ध करना पड़ता है, जीवन की कई चुनौतियों के सामने अर्जुन की ही तरह हम nervous और depressed हो जाते हैं। अर्जुन की तरह " क्या करुं, क्या न की दुविधा में जकड़े मनुष्य के मन में आता हैकि आखिर কত" भी ये संघर्ष कब तक ? ऐसे में आत्म ज्ञान ही मन का तनाव और भय दूर कर निर्भय और शक्ति संपग्न बनाता है। राजयोग से अपनी  आंतरिक शक्तियों को उजागर कर आत्म विश्वास् से हर चुनौती कर सकते है। कासामना Brahmakumaris 8 August 2023 - ShareChat