ओ नजरअदांज करने वाले -तेरे लिए --
जाते साल के साथ तुम भी जाओ --
तकल्लुफ़ करते तुम भी ज़माने के जैसे लगते हो!!
सोच लिया मैंने --
अब तुझसे कुछ न कहेंगे हाल अपना
तेरी गली के एक शख़्स को अपना हाल सुनाएगे -
जो तेरे घर के सामनें रहता हो, मुमक़िन हुआ तो अपनी आंख भी उसे दे जाएंगे -
【 listening 🎧कितनी हसरत से तकती हैं कलियाँ तुम्हें
क्यूँ बहारों को फिर से बुलाते नहीं
एक दुनिया उजड़ ही गई है तो क्या
दूसरा तुम जहाँ क्यूँ बसाते नहीं
दिल ने चाहा भी तो, साथ सँसार के
चलना पड़ता है सब की खुशी के लिए】 #👌म्हाखो मारवाड़ #✍शायरी #💃 राजस्थानी स्टाइल #🏘 म्हारो राजस्थान🙏 #💞जीवनसाथी

