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#"राही" की कविताएं #✍️ साहित्य एवं शायरी #🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #📖Whatsapp शायरी
"राही" की कविताएं - जीवन चक्र जिंदगी की शाम में कुछ भूली बिसरी यादें हैं अनजाने सी ख्वाहिशें कुछ और कुछ अनसुनी फरियादें है ! बीत गई सारी उम्र यूंही.. जिंदगी जाने कहां खो गई चल तो रही हैं सांसें अभी पर जीवन की रौनकें कहीं खो गई ! ढूंढते हैं  खुद को.. खुद में बचपन जाने कहां खो गया बचपन गया फिर आई जवानी. बुढ़ापा जिंदगी चुरा कर ले गया ! पर "राही" इस जीवन का चक्र निराला . दे कर छीन ले मन का उजाला खुशियां बस आईजिंदगी और गई जिंदगी.. समझने वाला ! पर यह समझ पाएगा बस बबिता चौधरी राही॰॰ जीवन चक्र जिंदगी की शाम में कुछ भूली बिसरी यादें हैं अनजाने सी ख्वाहिशें कुछ और कुछ अनसुनी फरियादें है ! बीत गई सारी उम्र यूंही.. जिंदगी जाने कहां खो गई चल तो रही हैं सांसें अभी पर जीवन की रौनकें कहीं खो गई ! ढूंढते हैं  खुद को.. खुद में बचपन जाने कहां खो गया बचपन गया फिर आई जवानी. बुढ़ापा जिंदगी चुरा कर ले गया ! पर "राही" इस जीवन का चक्र निराला . दे कर छीन ले मन का उजाला खुशियां बस आईजिंदगी और गई जिंदगी.. समझने वाला ! पर यह समझ पाएगा बस बबिता चौधरी राही॰॰ - ShareChat