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#🙂ভক্তি😊 #📢শেয়ারচ্যাট স্পেশাল #🤑চ্যাটরুম: রোজগার করুন ও শিখুন😎 #🌟All About স্পটলাইট🌟 #🙂ভক্তির সকাল😇
🙂ভক্তি😊 - 2 4 GVS श्रीमद्भगवद्गीता अष्टमोधध्यायः अक्षरब्रह्मयोगः श्रीभगवानुवाच - पुरुषः स परः पार्थ भक्त्या लभ्यस्त्वनन्यया। यस्यान्तः स्थानि भूतानि येन सर्वमिदं ततम् ।। २२ ।। हे पार्थ! जिनके भीतर सब प्राणी अवस्थित हैं और परिव्याप्त है॰ जिनके सम्पूर्ण   जिगत् چ द्वारा यह अव्यक्त और अक्षर' स्वरूप परम पुरुष अनन्य-्भक्ति Krishru से ही प्राप्त Radhe Radhg My dear all Hare fiends కT 2 4 GVS श्रीमद्भगवद्गीता अष्टमोधध्यायः अक्षरब्रह्मयोगः श्रीभगवानुवाच - पुरुषः स परः पार्थ भक्त्या लभ्यस्त्वनन्यया। यस्यान्तः स्थानि भूतानि येन सर्वमिदं ततम् ।। २२ ।। हे पार्थ! जिनके भीतर सब प्राणी अवस्थित हैं और परिव्याप्त है॰ जिनके सम्पूर्ण   जिगत् چ द्वारा यह अव्यक्त और अक्षर' स्वरूप परम पुरुष अनन्य-्भक्ति Krishru से ही प्राप्त Radhe Radhg My dear all Hare fiends కT - ShareChat