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#इस्लाम की बाते
इस्लाम - तक़लीफ पर सब्र करना रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम नें फरमाया "जब कोई मुसलमान किसी परेशानी , बीमारी, दुःख, तकलीफ या गम में मुब्तला होता है যরঙ্াঁ নন্ধ ক্রি E अगर उसे एक कांटा भी चुभ जाए तो अल्लाह तआला उसे उसके का कफ़्फ़ारा बना देता है।" गुनाहों सहीह अल-बुखारी -५६४१ Aqsa Naz तक़लीफ पर सब्र करना रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम नें फरमाया "जब कोई मुसलमान किसी परेशानी , बीमारी, दुःख, तकलीफ या गम में मुब्तला होता है যরঙ্াঁ নন্ধ ক্রি E अगर उसे एक कांटा भी चुभ जाए तो अल्लाह तआला उसे उसके का कफ़्फ़ारा बना देता है।" गुनाहों सहीह अल-बुखारी -५६४१ Aqsa Naz - ShareChat