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#❄️Winter कोट्स📝 #🖋ग़ज़ल #📖 कविता और कोट्स✒️ #december #🌙रात की शायरी✍
❄️Winter कोट्स📝 - दिसंबर की रात थी নভা  था दिल ने साज़ दिसंबर की रात थी कोई ना था हमराज़ दिसंबर की रात थी ना चौदहवीं का चांद ना तारों की कहकशां उसकी याद दिसंबर की रात थी ؟ नींदों पे उसकी याद ने पहरे बिठा दिए सो गई बरसात दिसंबर की रात थी दीन तो तेरे बग़ैर गुज़र ही गया सनम जो हो गई दुश्चार दिसंबर की रात थी अब वस्ल हो के हिज्र जुनूं को खबर नहीं कर गई जो दिल पे वार दिसंबर की रात थी वह कौन था कहा था मिला क्यूं बिछड़ गया बस इतना रहा याद दिसंबर की रात थी _s_siddiqui _ @M1 . दिसंबर की रात थी নভা  था दिल ने साज़ दिसंबर की रात थी कोई ना था हमराज़ दिसंबर की रात थी ना चौदहवीं का चांद ना तारों की कहकशां उसकी याद दिसंबर की रात थी ؟ नींदों पे उसकी याद ने पहरे बिठा दिए सो गई बरसात दिसंबर की रात थी दीन तो तेरे बग़ैर गुज़र ही गया सनम जो हो गई दुश्चार दिसंबर की रात थी अब वस्ल हो के हिज्र जुनूं को खबर नहीं कर गई जो दिल पे वार दिसंबर की रात थी वह कौन था कहा था मिला क्यूं बिछड़ गया बस इतना रहा याद दिसंबर की रात थी _s_siddiqui _ @M1 . - ShareChat