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#चन्द्र ग्रहण 2026🌹🚩 सूतक काल से लेकर चन्द्र ग्रहण पड़ने तथा समाप्त होने तक जानकारी
चन्द्र ग्रहण 2026🌹🚩 - चंद्र ग्रहण २०२६ (३ मार्च)ः सूतक काल, नियम और उपाय साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च २०२६ को लगने वाला है। यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र पर लगेगा। चंद्र ग्रहण दोपहर ३ः२० बजे शुरू होकर शाम ६:४७ बजे तक रहेगा। कुल अवधि 3 घंटे २७ मिनट होगी। भारत देश में यह ग्रहण सिर्फ २० मिनट २८ सेकंड के लिए दिखाई देगा। ये ग्रहण  भारत में दिख रहा है इसलिए इसका सूतक भी माना जाएगा। ग्रहण काल में किया गया जपन्ध्यान और भगवान का स्मरण अनंत गुना फलदायी होता है। सूतक काल का समय चन्द्र ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक प्रारंभ हो जाता है। सूतक आरंभ : 3 मार्च २०२६ (मंगलवार) , सुबह ६:२० बजे ग्रहण समाप्ति के साथ शाम ६:४७ बजे सूतक समाप्त सूतक में क्या न करें? २. पूजा , हवन, शुभ कार्य, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य न करें। २. भोजन बनाना/ खाना नहीं चाहिए। ३. बाल/ नाखू़न काटना, दाढ़ी बनाना नहीं चाहिए। ४. यात्रा व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। ५. तामसिक भोजन, मांसन्मदिरा का उपयोग नहीं करना चाहिए। चाकू व नुकीली ६. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान सुई, चाहिए। से बचना वस्तुओं  सूतक में क्या करें? ग्रहण के समय मंत्र-्जाप व ध्यान करें , और अंत में स्नान, 4<# गंगाजल छिड़काव व गरीबों को दान करना चाहिए। दिन नियमों और सावधानियों का पालन करना अत्यंत चंद्र ग्रहण २०२६ (३ मार्च)ः सूतक काल, नियम और उपाय साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च २०२६ को लगने वाला है। यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र पर लगेगा। चंद्र ग्रहण दोपहर ३ः२० बजे शुरू होकर शाम ६:४७ बजे तक रहेगा। कुल अवधि 3 घंटे २७ मिनट होगी। भारत देश में यह ग्रहण सिर्फ २० मिनट २८ सेकंड के लिए दिखाई देगा। ये ग्रहण  भारत में दिख रहा है इसलिए इसका सूतक भी माना जाएगा। ग्रहण काल में किया गया जपन्ध्यान और भगवान का स्मरण अनंत गुना फलदायी होता है। सूतक काल का समय चन्द्र ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक प्रारंभ हो जाता है। सूतक आरंभ : 3 मार्च २०२६ (मंगलवार) , सुबह ६:२० बजे ग्रहण समाप्ति के साथ शाम ६:४७ बजे सूतक समाप्त सूतक में क्या न करें? २. पूजा , हवन, शुभ कार्य, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य न करें। २. भोजन बनाना/ खाना नहीं चाहिए। ३. बाल/ नाखू़न काटना, दाढ़ी बनाना नहीं चाहिए। ४. यात्रा व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। ५. तामसिक भोजन, मांसन्मदिरा का उपयोग नहीं करना चाहिए। चाकू व नुकीली ६. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान सुई, चाहिए। से बचना वस्तुओं  सूतक में क्या करें? ग्रहण के समय मंत्र-्जाप व ध्यान करें , और अंत में स्नान, 4<# गंगाजल छिड़काव व गरीबों को दान करना चाहिए। दिन नियमों और सावधानियों का पालन करना अत्यंत - ShareChat