ShareChat
click to see wallet page
search
###Jharkhand #🆕 ताजा अपडेट #📰 बिहार अपडेट #📰 उत्तर प्रदेश अपडेट #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
##Jharkhand - जानकारी के अनुसार हाडीमारा गांव का बालक करीब १२ वर्ष पहले अपने परिवार से बिछड़कर भटकते हुए केरल पहुंच गया था, जहां उसकी देखरेख बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी ) त्रिशूर द्वारा की जा रही थी। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसका  घर चाईबासा जिले के पहाड़ी क्षेत्र में है और उसके पिता का नाम बोलराम तथा माता का नाम मानी है। इस सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर बालक की तस्वीर और विवरण जिले के सभी थानों को भेजकर पहचान कराने का प्रयास किया गया। सोशल मीडिया और स्थानीय सूचना के आधार पर उसकी पहचान राजा गोप उर्फ गोमा के रूप  में हुई। जांच में पता चला कि उसके पिता स्व. बोडराम उर्फ बुधराम रूप से हाडीमारा गांव के তী মূল गोप और माता मानी गोप हैं निवासी हैं और फिलहाल मजदूरी के लिए पश्चिम बंगाल में रह रहे থ | पुलिस ने परिजनों से संपर्क स्थापित कर पूरी प्रक्रिया पूरी की और टीम भेजकर युवक को  केरल  के त्रिशूर से 8 मार्च को लेकर १० मार्च को उसके गांव पहुंचाया , जहां उसे परिवार को सौंप दिया गया। इस अभियान में एसडीपीओ बहामन टूटी , डीएसपी कुमार विनोद,  মীনুনা : एसआई इन्द्रदेव रजक और मेगरा , थाना प्रभारी शशिबाला रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन चक्रधरपुर के केस वर्कर मनोज कुमार दास शामिल थे। ग्रामीणों ने इस मानवीय पहल के लिए पुलिस  प्रशासन का आभार जताया। जानकारी के अनुसार हाडीमारा गांव का बालक करीब १२ वर्ष पहले अपने परिवार से बिछड़कर भटकते हुए केरल पहुंच गया था, जहां उसकी देखरेख बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी ) त्रिशूर द्वारा की जा रही थी। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसका  घर चाईबासा जिले के पहाड़ी क्षेत्र में है और उसके पिता का नाम बोलराम तथा माता का नाम मानी है। इस सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर बालक की तस्वीर और विवरण जिले के सभी थानों को भेजकर पहचान कराने का प्रयास किया गया। सोशल मीडिया और स्थानीय सूचना के आधार पर उसकी पहचान राजा गोप उर्फ गोमा के रूप  में हुई। जांच में पता चला कि उसके पिता स्व. बोडराम उर्फ बुधराम रूप से हाडीमारा गांव के তী মূল गोप और माता मानी गोप हैं निवासी हैं और फिलहाल मजदूरी के लिए पश्चिम बंगाल में रह रहे থ | पुलिस ने परिजनों से संपर्क स्थापित कर पूरी प्रक्रिया पूरी की और टीम भेजकर युवक को  केरल  के त्रिशूर से 8 मार्च को लेकर १० मार्च को उसके गांव पहुंचाया , जहां उसे परिवार को सौंप दिया गया। इस अभियान में एसडीपीओ बहामन टूटी , डीएसपी कुमार विनोद,  মীনুনা : एसआई इन्द्रदेव रजक और मेगरा , थाना प्रभारी शशिबाला रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन चक्रधरपुर के केस वर्कर मनोज कुमार दास शामिल थे। ग्रामीणों ने इस मानवीय पहल के लिए पुलिस  प्रशासन का आभार जताया। - ShareChat