#💝 शायराना इश्क़ #👍स्पेशल शायरी🖋 #😂फनी जोक्स🤣 #💝 इज़हार-ए-मोहब्बत *गजल: उम्र भर का साथ*
जिंदगी भर साथ हमारा दोगे क्या,
*मेरे हाथों में अपना हाथ दोगे क्या।*
धूप तेज है यादों के इन गलियारों में,
*अपनी जुल्फों की ठंडी छाँव दोगे क्या।*
दुनिया की भीड़ में अक्सर खो जाता हूँ मैं,
*भटकूँ जो कभी, सही राह दोगे क्या।*
मेरे लबों पर मुस्कुराहट कम ही रहती है,
*इन सूखे होंठों को अपनी मुस्कान दोगे क्या।*
सुना है समंदर बहुत गहरा होता है इश्क़ का,
*डूबने लगूँ जो मैं, तो पतवार दोगे क्या।*
ख्वाबों की दुनिया तो सब ही सजा लेते हैं,
*हकीकत में मेरा साथ दोगे क्या।*

