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#नासा #yashacha_mantra
नासा #yashacha_mantra - கௌு सच्ची बात बेषइक नासा के 4 अंतरिक्ष यात्रियों ने उड़ान भरी आर्टेमिस 2 क्रू मॉड्यूल का अलग होना के वायुमंडल में प्रवेश पृथ्वी : प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन चांद की ओर जाना चांद से वापस आना लॉन्चिंगः केनेडी मुख्य इंजन बंद स्पेस सेंटर से उड़ान रॉकेट से अलगाव ओरियन कैप्सूल का की कक्षा चांद केपास पृथ्वी में सिस्टम की जांच से फ्लाईबाय प्रपल्शन स्टेज से हटना पहली बारचांद से 7 हजार किमी आगे जाएगा इंसान भास्कर न्यूज | केप कैनवेरल ५४ साल बाद फिर इंसान चांद की ओर रवाना हुआ है। नासा के आर्टेमिस 2 मिशन के तहत बुधवार को चार अंतरिक्ष यात्री १० दिन की चंद्र यात्रा पर निकले। वे चांद पर उतरेंगे नहीं  बल्कि उसके पास से गुजरेंगे। चांद के दूर वाले हिस्से के पीछे से गुजरते हुए यान उससे करीब साढ़े 7 हजार किलोमीटर आगे तक जाएगा। अंतरिक्ष में इतनी दूर अब तक कोई नहीं गया है। मिशन में 3 अमेरिकी और 1 कनाडाई अंतरिक्ष यात्री है। कमांडर रीड वाइसमैन के साथ पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टिना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन हैं। चंद्र मिशन की ये सबसे विविध टीम है॰ जिसमें पहली महिला, पहला अश्वेत और पहला गैर-अमेरिकी शामिल है। आर्टेमिसः चांद पर स्थायी मौजूदगी का लक्ष्य है आर्टेमिस का लक्ष्य चांद पर स्थायी मानव उपस्थिति है। २०२७ में आर्टेमिस 3 और २०२८ में आर्टेमिस 4 चंद्रमा पर उतरेंगे। स्थायी बेस और रोबोटिक रोवर जैसी योजनाएं इस मिशन पर निर्भर हैं। मिशन में जोखिम बहुत ज्यादा है। जोखिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं। नासा के अनुसार , सफलता की संभावना ५०% से अधिक हैं। - लॉन्च के कुछ देर ] ३२ मंजिला रॉकेट ओरियन का टॉयलेट खराब हो कैप्सूल बाद गया। अंतरिक्ष यात्रियों को अस्थायी व्यवस्था से काम चलाना पडा। केनेडी स्पेस सेंटर से हाइड्रोजन लीक और अन्य तकनीकी समस्याओं के चलते ओरियन स्पेस कैप्सूल मिशन में देरी हुई थी। लॉन्च से पहले ` लॉन्च अबॉर्ट सिस्टम' में কী লক{ 391| दिक्कत आई। कैप्सूल का संपर्क भी कुछ देर के लिए टूट गया। கௌு सच्ची बात बेषइक नासा के 4 अंतरिक्ष यात्रियों ने उड़ान भरी आर्टेमिस 2 क्रू मॉड्यूल का अलग होना के वायुमंडल में प्रवेश पृथ्वी : प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन चांद की ओर जाना चांद से वापस आना लॉन्चिंगः केनेडी मुख्य इंजन बंद स्पेस सेंटर से उड़ान रॉकेट से अलगाव ओरियन कैप्सूल का की कक्षा चांद केपास पृथ्वी में सिस्टम की जांच से फ्लाईबाय प्रपल्शन स्टेज से हटना पहली बारचांद से 7 हजार किमी आगे जाएगा इंसान भास्कर न्यूज | केप कैनवेरल ५४ साल बाद फिर इंसान चांद की ओर रवाना हुआ है। नासा के आर्टेमिस 2 मिशन के तहत बुधवार को चार अंतरिक्ष यात्री १० दिन की चंद्र यात्रा पर निकले। वे चांद पर उतरेंगे नहीं  बल्कि उसके पास से गुजरेंगे। चांद के दूर वाले हिस्से के पीछे से गुजरते हुए यान उससे करीब साढ़े 7 हजार किलोमीटर आगे तक जाएगा। अंतरिक्ष में इतनी दूर अब तक कोई नहीं गया है। मिशन में 3 अमेरिकी और 1 कनाडाई अंतरिक्ष यात्री है। कमांडर रीड वाइसमैन के साथ पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टिना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन हैं। चंद्र मिशन की ये सबसे विविध टीम है॰ जिसमें पहली महिला, पहला अश्वेत और पहला गैर-अमेरिकी शामिल है। आर्टेमिसः चांद पर स्थायी मौजूदगी का लक्ष्य है आर्टेमिस का लक्ष्य चांद पर स्थायी मानव उपस्थिति है। २०२७ में आर्टेमिस 3 और २०२८ में आर्टेमिस 4 चंद्रमा पर उतरेंगे। स्थायी बेस और रोबोटिक रोवर जैसी योजनाएं इस मिशन पर निर्भर हैं। मिशन में जोखिम बहुत ज्यादा है। जोखिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं। नासा के अनुसार , सफलता की संभावना ५०% से अधिक हैं। - लॉन्च के कुछ देर ] ३२ मंजिला रॉकेट ओरियन का टॉयलेट खराब हो कैप्सूल बाद गया। अंतरिक्ष यात्रियों को अस्थायी व्यवस्था से काम चलाना पडा। केनेडी स्पेस सेंटर से हाइड्रोजन लीक और अन्य तकनीकी समस्याओं के चलते ओरियन स्पेस कैप्सूल मिशन में देरी हुई थी। लॉन्च से पहले ` लॉन्च अबॉर्ट सिस्टम' में কী লক{ 391| दिक्कत आई। कैप्सूल का संपर्क भी कुछ देर के लिए टूट गया। - ShareChat