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#नवरात्रि के नवमी की और कन्या पूजन की हार्दिक शुभकामनाएं
नवरात्रि के नवमी की और कन्या पूजन की हार्दिक शुभकामनाएं - कन्या पूजन की सही विधि कन्याओं को आमंत्रित करें २ से १० साल की ५, ७ या 9 कन्याओं को बुलाएं, एक छोटे बालक (लंगूर / भैरव) घर  में बुलाना " को भी साथ शुभ माना जाता है. पैर धोना (पाद प्रक्षालन) 2 कन्याओं के पैर सा़फ पानी से धोएं उन्हें सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाएं. तिलक और पूजा 3 रोली कुमकुमु च का तिलक लगाएं। माथे पर फूल अर्पित करें और माँ दुर्गा का ध्यान करें. दीपक और अगरबत्ती जलाकर पूजा करें , भोग लगाना कन्याओं को प्रेम से भोजन कराएंः কাল বন, মুসী কা মলনা पूरी, दक्षिणा और उपहार 5 भोजन के बाद कन्याओं कोः दक्षिणा (पैसे) , या कोई छोटा गिफ्ट दें॰ चूड़ी , चुनरी , अंत में उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें. 3ೌ कन्या पूजन की सही विधि कन्याओं को आमंत्रित करें २ से १० साल की ५, ७ या 9 कन्याओं को बुलाएं, एक छोटे बालक (लंगूर / भैरव) घर  में बुलाना " को भी साथ शुभ माना जाता है. पैर धोना (पाद प्रक्षालन) 2 कन्याओं के पैर सा़फ पानी से धोएं उन्हें सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाएं. तिलक और पूजा 3 रोली कुमकुमु च का तिलक लगाएं। माथे पर फूल अर्पित करें और माँ दुर्गा का ध्यान करें. दीपक और अगरबत्ती जलाकर पूजा करें , भोग लगाना कन्याओं को प्रेम से भोजन कराएंः কাল বন, মুসী কা মলনা पूरी, दक्षिणा और उपहार 5 भोजन के बाद कन्याओं कोः दक्षिणा (पैसे) , या कोई छोटा गिफ्ट दें॰ चूड़ी , चुनरी , अंत में उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें. 3ೌ - ShareChat