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जोतिष शास्त्र - परशुराम जयंतीः माना जाता है कि इस दिन भगवान परशुराम का प्रादुर्भाव हुआ था। इस दिन को भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि आज भी भगवान परशुराम महेंद्र पर्वत पर तपस्या कर रहे हैं।  तृतीयाः हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बहुत 3&4 शुभ माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु एवं माता की पूजा ` की जाती है। भगवान विष्णु को লঃসী  के लिए इस प्रसन्न करने और अक्षय पुण्य की प्राप्ति दिन हवन, पूजा, तर्पण और दान आदि किया जाता 81 इस दिन का संबंध गंगा जी के पुनर्जन्म गंगा सप्तमीः : 4351 है। पौराणिक मान्यता के अनुसार एक बार गंगा जी के वेग से एक ऋषि का आश्रम नष्ट हो गया था। इससे कूपिक होकर ऋषि ने अपने तपोबल से समस्त नदी के जल को पी लिया था। इसके बाद देवताओं के आग्रह पर उ९ ऋषि ने पुनः गंगा जी को मुक्त किया। यही वजह है कि गंगा जी को ऋषि जाह्नु की पुत्री जाह्नवी कहा जाता है। परशुराम जयंतीः माना जाता है कि इस दिन भगवान परशुराम का प्रादुर्भाव हुआ था। इस दिन को भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि आज भी भगवान परशुराम महेंद्र पर्वत पर तपस्या कर रहे हैं।  तृतीयाः हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बहुत 3&4 शुभ माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु एवं माता की पूजा ` की जाती है। भगवान विष्णु को লঃসী  के लिए इस प्रसन्न करने और अक्षय पुण्य की प्राप्ति दिन हवन, पूजा, तर्पण और दान आदि किया जाता 81 इस दिन का संबंध गंगा जी के पुनर्जन्म गंगा सप्तमीः : 4351 है। पौराणिक मान्यता के अनुसार एक बार गंगा जी के वेग से एक ऋषि का आश्रम नष्ट हो गया था। इससे कूपिक होकर ऋषि ने अपने तपोबल से समस्त नदी के जल को पी लिया था। इसके बाद देवताओं के आग्रह पर उ९ ऋषि ने पुनः गंगा जी को मुक्त किया। यही वजह है कि गंगा जी को ऋषि जाह्नु की पुत्री जाह्नवी कहा जाता है। - ShareChat