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#✍️ साहित्य एवं शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #📓 हिंदी साहित्य #✍मेरे पसंदीदा लेखक #❤️ प्यार की कहानियां
✍️ साहित्य एवं शायरी - ना हो सकीं बयाँ खामोशियाँ वो राज राज ही रहे नहीं समझ सके तुम जज़्बात इनमें अल्फाज़ अल्फ़ाज़ ही रहे ना हो सकीं बयाँ खामोशियाँ वो राज राज ही रहे नहीं समझ सके तुम जज़्बात इनमें अल्फाज़ अल्फ़ाज़ ही रहे - ShareChat