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#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - जब मैंने धीरे धीरे जिंदगी को... समझना शुरू किया, तो एहसास हुआ... ज़िंदगी का नाम ही सब्र है। कोई अपना छूट जाए तो सब्र, कोई नाराज़ हो जाए तो सब्र, लोग सवाल उठाएँ तो सब्र, जो चाहा वो न मिले... तब भी सिर्फ सब्र। जब मैंने धीरे धीरे जिंदगी को... समझना शुरू किया, तो एहसास हुआ... ज़िंदगी का नाम ही सब्र है। कोई अपना छूट जाए तो सब्र, कोई नाराज़ हो जाए तो सब्र, लोग सवाल उठाएँ तो सब्र, जो चाहा वो न मिले... तब भी सिर्फ सब्र। - ShareChat