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#प्रकृति का उपहार
प्रकृति का उपहार - जैसे तिल में तेल है॰ ज्यों चकमक में आग है, तू जाग सके तो जाग तेरा साईं तुझमें ` जैसे तिल में तेल है॰ ज्यों चकमक में आग है, तू जाग सके तो जाग तेरा साईं तुझमें ` - ShareChat