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#नीला आसमान 🌌
नीला आसमान 🌌 - साथियो आज बात करते है यारों के यार कहते थे जिनको लो नजदीकी गाँव लोग वो है चौधरी जगन्नाथ Il इनका जन्म గెTT ईशरवाल मे हुआ था चौधरी साहब अनुश्चित जाति से थे लेकिन ३६ बिरादरी को साथ ले कर चलने वाले साधारण तरिके से रहने वाले यारों के यार की उपाधी से जाने जाते थे अपने यार दोस्तों थे सुना एक चाय की टपरी चलाने वाला को कभी ना भूलते पंडित जी उनका पक्का मित्र थे ज़ब भी सिवानी साइड आते तो पंडित जी की टपरी पर चाय पीते और हँसी मजाक भी करते थे ।l जब गाँवो का दौरा होता था तो कहीं ताश खेलने वाले दिख जाए तो उनके साथ एक आधी बाजी मार लेते थे चौधरी साहब ये उनका साधराण रहने का तरीका था Il जगन्नाथ जी ने १९६२ ম নিবলীয मे जब हरियाणा पंजाब एक थे तब तोशाम $ चुनाव लड़ा और जीत हांसिल की जीत भी हुई और जमानत भी हुई उनको १६% वोट मिले थे तोशाम जनरल हल्का था तब जब्त चौधरी साहब ने बंसीलाल, देवीलाल, भजनलाल हरियाणा के तीनो मुख्यमंत्रीयो की सरकार मे मंत्री रहे फिर जगन्नाथ जी बवानी खेड़ा रिजर्व हल्के से चार बार विधायक रहे ।l वो सरकार बनवा भी देते थे और गिरवा भी देते थे हलांकि उनको दलबदलू भी कहा जाता है ।l कई लोगो से सुना पत्ता ना सच्ची है या झूठ की जगन्नाथ जी को किसी ने पूछा की चौधरी साहब अबकी बार कौनसी पार्टी से चुनाव लड़ोगे तो वो बोले की पार्टी वाले टिकट घर के आगे रख जाते है थारी ताई सुबह झाड़ू लगाएंगीं तब एक और मे उस पार्टी से चुनाव लड लूंगा Il टिकट उठा লাহী आखिरी मे चौधरी बंसीलाल की सरकार गिरवा कर वो देवीलाल की पार्टी मे शामिल हुए २६ जनवरी २००१ को उनकी ೯ ಕರ್ತ್ತ जाती है कहा था की ज़ब मे मरूंगा तब धरती उन्होने और ये सच्च भी हुआ उस दिन बहुत भयंकर भूकंप आया Il लोग बताते है की उन्होंने कभी जातिगत भेदभाव नहीं किया और जनता के दिलो पर राज किया और यारो के यार के रूप मे प्रसिद्ध रहे ।l ऐसे लोग विरले ही इस धरती पर पैदा होते है অমল্গাথ তী ব্ূী থান থান নমন 494 साथियो आज बात करते है यारों के यार कहते थे जिनको लो नजदीकी गाँव लोग वो है चौधरी जगन्नाथ Il इनका जन्म గెTT ईशरवाल मे हुआ था चौधरी साहब अनुश्चित जाति से थे लेकिन ३६ बिरादरी को साथ ले कर चलने वाले साधारण तरिके से रहने वाले यारों के यार की उपाधी से जाने जाते थे अपने यार दोस्तों थे सुना एक चाय की टपरी चलाने वाला को कभी ना भूलते पंडित जी उनका पक्का मित्र थे ज़ब भी सिवानी साइड आते तो पंडित जी की टपरी पर चाय पीते और हँसी मजाक भी करते थे ।l जब गाँवो का दौरा होता था तो कहीं ताश खेलने वाले दिख जाए तो उनके साथ एक आधी बाजी मार लेते थे चौधरी साहब ये उनका साधराण रहने का तरीका था Il जगन्नाथ जी ने १९६२ ম নিবলীয मे जब हरियाणा पंजाब एक थे तब तोशाम $ चुनाव लड़ा और जीत हांसिल की जीत भी हुई और जमानत भी हुई उनको १६% वोट मिले थे तोशाम जनरल हल्का था तब जब्त चौधरी साहब ने बंसीलाल, देवीलाल, भजनलाल हरियाणा के तीनो मुख्यमंत्रीयो की सरकार मे मंत्री रहे फिर जगन्नाथ जी बवानी खेड़ा रिजर्व हल्के से चार बार विधायक रहे ।l वो सरकार बनवा भी देते थे और गिरवा भी देते थे हलांकि उनको दलबदलू भी कहा जाता है ।l कई लोगो से सुना पत्ता ना सच्ची है या झूठ की जगन्नाथ जी को किसी ने पूछा की चौधरी साहब अबकी बार कौनसी पार्टी से चुनाव लड़ोगे तो वो बोले की पार्टी वाले टिकट घर के आगे रख जाते है थारी ताई सुबह झाड़ू लगाएंगीं तब एक और मे उस पार्टी से चुनाव लड लूंगा Il टिकट उठा লাহী आखिरी मे चौधरी बंसीलाल की सरकार गिरवा कर वो देवीलाल की पार्टी मे शामिल हुए २६ जनवरी २००१ को उनकी ೯ ಕರ್ತ್ತ जाती है कहा था की ज़ब मे मरूंगा तब धरती उन्होने और ये सच्च भी हुआ उस दिन बहुत भयंकर भूकंप आया Il लोग बताते है की उन्होंने कभी जातिगत भेदभाव नहीं किया और जनता के दिलो पर राज किया और यारो के यार के रूप मे प्रसिद्ध रहे ।l ऐसे लोग विरले ही इस धरती पर पैदा होते है অমল্গাথ তী ব্ূী থান থান নমন 494 - ShareChat