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रायपुर_की_खबरें - हरिभूमि epaper haribhoomi com Raipur Bhoomi २७ Mar २०२६ - Page 1 मंदा चल रहे पोल्ट्री कारोबार पर अब बर्ड फ्लू की मार! रायपुर में फिलहाल असर नही बिलारापुर  में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने का रायपर के साथ अन्य शहरों में कोई असर नहीं हुआ है। लेकिन रायपुर के पोल्ट्री कारोबरी सावधान रख रहे है और   पोल्ट्री में मुर्ठियों की देखभाल ज्यादा कीजा रही है। अब तक यहा पर हरिभूमि न्यूजPP| रायपुर নs এলু কা কীন মকল नहीं है। रायपुर से बिलासपुर   में बर्ड फ्लू के कारण पोल्ट्री  बिलासपुर और बिलासपुर कारोबार पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तो से रायपुर में होने वाला नवरात्रि के कारण पहले ही चिकन का कारोबार जस्रबद कर कारोबार कम हा गया था अब तो कारोबार दिया गया है। २०   फीसदी पर सिमट गया है। प्रदेश में हर अंडों का धंधा माह डेढ़ करोड़ किलो पहले ही मंदा रोज पांच यानी रोज पांच लाख अंडोंका धंधा पहले ही मंदा लाख किलो   किलो चिकन बिकता है चल रहा है।अंडों का कुवैत चिकन की लेकिन यह अबएक लाख जाना बंद होने के कारण खपत अब किलो ही बिक रहा है। प्रदेश के अंडे दूरारे राज्यों एक लाख 5# # में नहीं जा रहे है। इसी के दूसर ज्यादातर किलो पर राज्यों में जा रहा है। अंडों साथ गर्मी की वजहसे सिमटी खपत भी कम हो गई है। का कारोबार पहले ही मंदा ऐसे में प्रदेश में रोज २ से हो गया है, क्योंकि कुवैत ३० लाख अंडे बच रहेहै अंडों का जाना बंद होने से प्रदेश से बाहर के जिनको गोल्ड स्टोरेज मे राज्यों में अंडों का जाना लगभग बंद हो गया रखना पड़ रहा है। आने है। छत्तीसगढ़ में पोल्ट्री का कारोबार बहुत  নরাল যধাযবী কীল্ড बड़ा है। यहां पर चिकन के साथ अंडों का स्टोरेज में भी स्थान नही मिल पाएगा। अडोंकी उत्पादन भारी मात्रा में होता है। जहां एक कीमत भी बहुत कम हो गई तरफ रोज ८० लाख अंडों का उत्पादन होता है। पोल्ट्री में इसके ढाम है, वहीं रोज পাব লাম্র কিলী ম আ্না ३ ७० रुपए और चिल्हर मे चिकन रोज >शेष पेज १५ पर पाच रुपए हो गए है। खपत वैसे ही अभी कम पोल्ट्री  कारोबारियों के मुताबिक वैसे ही नवरात्रि के कारण इरा समय प्रदेश में चिकन की खपत कम है। ऐसे में इस बात का पता चलना मुश्किल है कि बर्ड  फ्लू के कारण  खपत कितनी प्रभावित हुई है। आमतौर पर हर माह प्रदेश मे डेढ करोड़ किलो  चिकन को खपत होती है। चिकन प्रदेश के शहरों के साथ ओडिशा मप्र भी जाता है।इरा समय नवरात्रि के कारण जहां प्रदेश में खपत ८० फीरादी कम हो गई है  वहीं दूसरे राज्यों मे भी चिकन नहीं जा रहा है। कारोबारियों के मुताबिक   नवरात्रि के समाप्त होने के बाद एक सप्ताह में कि बर्ड फ्लू के कारण कितना कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्थिति सा़फ होगी हरिभूमि epaper haribhoomi com Raipur Bhoomi २७ Mar २०२६ - Page 1 मंदा चल रहे पोल्ट्री कारोबार पर अब बर्ड फ्लू की मार! रायपुर में फिलहाल असर नही बिलारापुर  में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने का रायपर के साथ अन्य शहरों में कोई असर नहीं हुआ है। लेकिन रायपुर के पोल्ट्री कारोबरी सावधान रख रहे है और   पोल्ट्री में मुर्ठियों की देखभाल ज्यादा कीजा रही है। अब तक यहा पर हरिभूमि न्यूजPP| रायपुर নs এলু কা কীন মকল नहीं है। रायपुर से बिलासपुर   में बर्ड फ्लू के कारण पोल्ट्री  बिलासपुर और बिलासपुर कारोबार पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तो से रायपुर में होने वाला नवरात्रि के कारण पहले ही चिकन का कारोबार जस्रबद कर कारोबार कम हा गया था अब तो कारोबार दिया गया है। २०   फीसदी पर सिमट गया है। प्रदेश में हर अंडों का धंधा माह डेढ़ करोड़ किलो पहले ही मंदा रोज पांच यानी रोज पांच लाख अंडोंका धंधा पहले ही मंदा लाख किलो   किलो चिकन बिकता है चल रहा है।अंडों का कुवैत चिकन की लेकिन यह अबएक लाख जाना बंद होने के कारण खपत अब किलो ही बिक रहा है। प्रदेश के अंडे दूरारे राज्यों एक लाख 5# # में नहीं जा रहे है। इसी के दूसर ज्यादातर किलो पर राज्यों में जा रहा है। अंडों साथ गर्मी की वजहसे सिमटी खपत भी कम हो गई है। का कारोबार पहले ही मंदा ऐसे में प्रदेश में रोज २ से हो गया है, क्योंकि कुवैत ३० लाख अंडे बच रहेहै अंडों का जाना बंद होने से प्रदेश से बाहर के जिनको गोल्ड स्टोरेज मे राज्यों में अंडों का जाना लगभग बंद हो गया रखना पड़ रहा है। आने है। छत्तीसगढ़ में पोल्ट्री का कारोबार बहुत  নরাল যধাযবী কীল্ড बड़ा है। यहां पर चिकन के साथ अंडों का स्टोरेज में भी स्थान नही मिल पाएगा। अडोंकी उत्पादन भारी मात्रा में होता है। जहां एक कीमत भी बहुत कम हो गई तरफ रोज ८० लाख अंडों का उत्पादन होता है। पोल्ट्री में इसके ढाम है, वहीं रोज পাব লাম্র কিলী ম আ্না ३ ७० रुपए और चिल्हर मे चिकन रोज >शेष पेज १५ पर पाच रुपए हो गए है। खपत वैसे ही अभी कम पोल्ट्री  कारोबारियों के मुताबिक वैसे ही नवरात्रि के कारण इरा समय प्रदेश में चिकन की खपत कम है। ऐसे में इस बात का पता चलना मुश्किल है कि बर्ड  फ्लू के कारण  खपत कितनी प्रभावित हुई है। आमतौर पर हर माह प्रदेश मे डेढ करोड़ किलो  चिकन को खपत होती है। चिकन प्रदेश के शहरों के साथ ओडिशा मप्र भी जाता है।इरा समय नवरात्रि के कारण जहां प्रदेश में खपत ८० फीरादी कम हो गई है  वहीं दूसरे राज्यों मे भी चिकन नहीं जा रहा है। कारोबारियों के मुताबिक   नवरात्रि के समाप्त होने के बाद एक सप्ताह में कि बर्ड फ्लू के कारण कितना कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्थिति सा़फ होगी - ShareChat